दहेज के लिए प्रताड़ित करने व हत्या के मामले में जुर्म सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश कमालुद्दीन ने चौरीचौरा के ग्राम चौरा निवासी पति अनिल गुप्ता को दो साल की कारावास एवं दो हजार रुपये अर्थदंड व सास आशा को आजीवन कारावास एवं 16 हजार रुपये का अर्थदंड दिया है। अर्थ दंड नहीं देने पर अनिल गुप्ता को एक माह एवं आशा को साढ़े आठ माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद पांडेय एवं सिद्धार्थ सिंह का कहना था कि वादी मोतीलाल गुप्ता देवरिया जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम हरपुर के निवासी हैं। उन्होंने बेटी सीमा की शादी चौरा निवासी अभियुक्त अनिल गुप्ता के साथ की थी। तीन साल बाद गवाना हुआ था। बेटी को उसके ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे।
25 दिसंबर 2016 की सुबह करीब 6:30 बजे सीमा को जान से मारने की नियत से मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया। इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में उसकी मृत्यु हो गई। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया।