लालच में आकर व्यापारी जालसाजी के शिकार हो जाते हैं और फिर हाय-तौबा मचती है। जालसाज उनके इसी लालच का फायदा उठाते हैं और फिर आसानी से सोनार को नकली गहने थमाकर चूना लगाकर चले जाते हैं। कई बार व्यापारी ठगी का शिकार होने के बाद पुलिस के पास पहुंचते हैं तो कई बार बिना बताए ही मामले को दबा देते हैं।
जानकारी के मुताबिक, सस्ते के लालच में व्यापारी जल्दबाजी में सोने या चांदी के जेवर पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं और फिर बाद में जब जांच करते हैं, तब ठगी की जानकारी होती है। कई बार सस्ते में गहने खरीदने के लालच में कई व्यापारी जेल भी जा चुके हैं। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि लालच में आकर कई बार व्यापारी फंस जाते हैं। चोरी के मामलों में भी कई बार व्यापारी जेल जा चुके हैं।
केस एक
18 फरवरी 2023 : गोरखनाथ क्षेत्र के विजयनगर सिन्धी काॅलोनी के जगदीश चंद्र की शाहपुर थाना क्षेत्र के असुरन चौराहा स्थित नगर निगम कांप्लेक्स में आभूषण की दुकान है। जगदीश ने केस दर्ज कराया था। उनका कहना था कि 15 फरवरी की शाम दो महिला व दो पुरुष उनकी दुकान पर 10 लाख के जेवर बेचने के लिए पहुंचे। उन्होंने पत्थर पर घिसकर जेवर की गुणवत्ता जांची। सही मिलने पर खरीदने के लिए तैयार हो गया। तत्काल पांच लाख रुपये दे दिया। लेकिन, बाद में जांच कराने पर वह नकली निकला।
केस दो
20 मई 2022 : कैंपियरगंज में छत्तीसगढ़ का व्यापारी प्रसन्न जैन ने आठ लाख रुपये गंवा दिए थे। वह नेपाल से तस्करी का सोना सस्ते दाम पर खरीदने के लिए आए थे। कैंपियरगंज में जालसाजों ने बुलाकर पहले रुपये वसूल लिए और फिर भगा दिया। व्यापारी ने जालसाजी का केस दर्ज कराया, लेकिन बाद में बदमाशों को गिरफ्तार कर पुलिस ने पर्दाफाश किया तो पता चला कि वह नकली गहने खरीदने आए थे।
केस तीन
जनवरी 2023 : पिपराइच में भी नकली सोना बेचने के चक्कर में एक महिला को पकड़ा गया था। उसने भी व्यापारी को एक बार चुना लगा दिया था, लेकिन दोबारा पहुंचने पर दुकानदार ने पुलिस बुला लिया था और उसे पकड़ा गया था।