रोशनी राजभर (बाएं) और रश्मि (दाएं)
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शनिवार की देर शाम कसया थाना क्षेत्र के चकदेइया गांव में झोपड़ी की दीवार गिरने से बगल में खेल रही दो बच्चियां दबकर घायल हो गईं। ग्रामीणों के सहयोग से परिजनों ने दीवार का मलबा हटाया और दोनों बेटियों को इलाज के लिए लेकर कसया पहुंचे तो डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इनमें से एक बच्ची अपने ननिहाल आई थी और मामा की लड़की के साथ खेल रही थी। दबने से इन दोनों बच्चियों की मौत हो गई। कसया पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। हादसे से गांव में मातम छा गया।
चकदेइया गांव निवासी विरेंद्र के घर देवरिया जिले के बसंतपुर चौहान टोला से उनकी भांजी रोशनी आई हुई थी। शनिवार की शाम करीब साढ़े सात बजे वीरेंद्र की पुत्री रश्मी (8) और ननिहाल आई रोशनी (7) घर के बगल में खेल रही थीं। वीरेंद्र ने कच्चे ईंटों व मिट्टी के गारा से दीवार जोड़कर उस पर छप्पर रखा था। अचानक यह दीवार भरभराकर गिर गई। बगल में खेल रहीं दोनों बच्चियां कच्चे ईंटों के ढेर के नीचे दबकर घायल हो गईं।
आवाज सुनकर परिजन व अगल-बगल लोग पहुंचे और दोनों बच्चियों को निकालकर कसया सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मौत की पुष्टि होते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। अस्पताल की सूचना पर कसया पुलिस भी पहुंची और मामले की जानकारी ली। एसओ कसया रामाशीष सिंह यादव ने बताया कि गारे से ईंट की दीवार जोड़ी गई थी जो अचानक भरभराकर गिर गई। जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है। बच्चियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।