पंजाब की दो डांसरों से 17 जुलाई 2024 की रात सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। दुष्कर्म के मामले में गवाही के बाद दोनों काम करती रहीं। पंजाब में परिवार को रुपये भी भेजे थे। परिवार से 10 महीने सच भी छिपाए रखा।
गोरखपुर के गीडा क्षेत्र के एकला बांध पर सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद पंजाब की दो डांसरों की जिंदगी पहले जैसी नहीं रही। पहले वह दरिंदगी से गुजरीं, उसके बाद दहशत में महीनों बिताए। हालत ये थी कि डर से परिवार को भी कुछ नहीं बताया।
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10 माह तक दोनों गोरखपुर में ही रहीं, ताकि घरवाले दरिंदगी की बात पता लगने से टूट न जाएं। इस दौरान काम भी कम मिला, लेकिन घरवालों को शक न हो, इसके लिए उन्हें रुपये भेजती रहीं। सहालग खत्म होने से पहले दोनों घर चली गईं।
एकला बंधे पर 17 जुलाई की देर रात आर्केस्ट्रा की दो डांसरों को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। मामले में पुलिस ने आर्केस्ट्रा संचालक सूरज की तहरीर पर पांच आरोपियों पर केस दर्ज किया था।
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पुलिस ने भी एक सप्ताह के अंदर 25 जुलाई को केस की चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दी। साथ ही आरोपियों पर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी की थी।
सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद दोनों डांसर बांसगांव इलाके में किराए के कमरे में रहती थीं। कुछ माह तो वे बाहर भी नहीं निकलीं। केस में गवाही के लिए कोर्ट गईं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उनके बयान भी करवा दिए गए।
परिवार को घटना के बारे में नहीं दी जानकारी
करीब तीन-चार माह बाद उन्होंने दोबारा काम शुरू किया। इस दौरान परिवार को घटना के बारे में जानकारी नहीं दी। उन्हें शक न हो, इसलिए जो रुपये बचे थे, उन्हें भेजती रहती थीं। सहालग में कुछ शो में गईं, तब स्थिति ठीक हुई।
परिवार को ऐसे हुआ था शक
आमतौर पर सीजन खत्म होने के बाद वह घर चली जाती थीं, लेकिन इस बार नहीं गईं। कई महीने जब दोनों घर नहीं गईं तब परिवार को शक हुआ। अप्रैल में एक डांसर की बड़ी बहन गोरखपुर आ गई। वह दो दिनों तक रही।
इस दौरान इन्होंने स्टेज शो किया, ताकि बहन को शक न हो। आर्केस्ट्रा संचालक सूरज ने बताया कि अप्रैल-मई में उन्होंने काम किया और मई के अंत में घर चली गईं। अब उनके वापस आने की उम्मीद बहुत कम है।
तीन आरोपियों को मिल चुकी है जमानत
गीडा इलाके में सामूहिक दुष्कर्म की घटना से जिले में सनसनी फैल गई थी। घटना के अगले दिन ही पुलिस ने मुख्य आरोपी नीरज जायसवाल को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने एकला निवासी नीरज जायसवाल, जय निषाद, कर्मवीर निषाद, सोनू निषाद और सुकलहिया निवासी संत कुमार निषाद उर्फ नाटे को आरोपी बनाया था। हाईकोर्ट से कर्मवीर निषाद, सोनू निषाद और संत कुमार को जमानत मिल चुकी है। वहीं, दो आरोपी जेल में बंद हैं। वे भी अब जमानत कराने में लगे हुए हैं।