इंस्पेक्टर ने बताया कि फर्जी तरीके से ऋण लेने के इस मामले में रामनिवास 17 व जयप्रकाश पांच फाइलों में गारंटर बने थे। सहकारी बैंक सिकरीगंज अब सहकारी बैंक उरुवा में मर्ज हो चुका है।
जिला सहकारी बैंक की सिकरीगंज शाखा से तीन करोड़ 54 लाख रुपये के गबन के मामले में बुधवार को सीआईडी की एसआईबी सेल ने दो आरोपियों को पकड़कर कोर्ट में पेश किया। दोनों को जेल भेज दिया गया।
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वर्ष 2012 में सिकरीगंज शाखा से फर्जी तरीके से लोन लेने के मामले में संबंधित थाने में 2015 में एफआईआर दर्ज हुई थी जिसमें तीन करोड़ 54 लाख रुपये के गबन का आरोप लगा था। विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर अनिल प्रकाश सिंह ने बताया कि शाखा प्रबंधक रामनाथ को मुख्य आरोपित बनाया गया था। विवेचना के दौरान क्षेत्र के सतोरा निवासी रामनिवास व इसी थाना क्षेत्र के बरौली निवासी जयप्रकाश का नाम भी प्रकाश में आया।
इंस्पेक्टर ने बताया कि फर्जी तरीके से ऋण लेने के इस मामले में रामनिवास 17 व जयप्रकाश पांच फाइलों में गारंटर बने थे। सहकारी बैंक सिकरीगंज अब सहकारी बैंक उरुवा में मर्ज हो चुका है।