बस्ती जिले के लालगंज थाने के परेवा निवासी सहदेव हत्याकांड में वांछित सूूरज और विकास को प़ुलिस ने मंगलवार तड़के मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। लालगंज पुलिस ने एन्टी नारकोटिक्स टीम के साथ लालगंज के पास दोनों को घेरा। एसपी आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि पुलिस से घिरने के बाद दोनों ने फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में एक गोली सूरत के पैर में लगी है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों के पास से दो अवैध तमंचा और दो मोबाइल बरामद किया है,जिसमें एक मोबाइल मृतक सहदेव की है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए सूरज ओर विकास ने सहदेव की पत्नी से दो लाख रुपये में हत्या की सुपारी ली थी। आरोपित पत्नी किरन और उसका नाबालिग बेआ सोमवार को ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पकड़े गए विकास ने कबूल किया कि उसने अपने दोस्त सूरज की प्रेमिका किरन के कहने पर दो लाख रुपये सुपारी लेकर हत्या को अंजाम दिया।
इससे पहले गिरफ़्तार की गई सहदेव की पत्नी किरन (आशा कार्यकत्री) ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि उसके पति सहदेव का गांव की एक महिला से अवैध संबंध था। पूना से आकर वह अपना पैसा उसी को दे देता था। टोकने पर झगड़ा करता था और कहता था कि अपनी संपत्ति भी उसी के नाम कर देगा। अपनी जमीन भी उसी को जोतने-बोने को दे दिया था। इसलिए किरन चिंतित रहने लगी थी कि यदि वे ऐसा कर देंगे तो उसके बच्चों का क्या होगा।
इसी डर के चलते उसने पड़ोसी गांव जमालपुर के प्रेमी सूरज से मिलकर पति सहदेव को जान से मारने का षणयंत्र रच डाला। महिला ने बताया कि सूरज ने अपने साथी विकास निवासी कुदरहा से मिलकर छह दिसंबर की रात घटना को अंजाम दिया। उस रात सहदेव रिश्तेदारी लौटकर नशे में धुत होकर आया था।
किरन ने कबूल करते हुए पुलिस को बताया कि रात करीब 11 बजे मैंने व मेरे बेटे ने उसके दोनों पैर और विकास ने दोनों हाथ पकड़ लिया। इसके बाद सूरज ने उनका गला दबा दिया। छटपटाता देख सूरज ने डंडा उठाकर उनके सिर पर कई वार भी किया और सहदेव मर गया। इसके बाद हम चारों ने लाश को ले जाकर घर से थोड़ी दूरी पर गन्ने के खेत में छुपा दिया था।