जुड़वां बच्चियों को लेकर रहता है असमंजस
दरअसल, यह देखा गया है कि जुड़वां बच्चियां होने पर अभिभावकों में यह भ्रम हो जाता है कि वह इकलौती लड़की की श्रेणी में आवेदन करें या नहीं। अक्सर ऐसे अभिभावक आवेदन ही नहीं कर पाते थे। लेकिन, केंद्रीय विद्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि जुड़वां बच्चियों का मतलब इकलौती लड़की ही माना जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय नंबर एक एयरफोर्स प्रधानाचार्य एसके श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों की कक्षा एक से पांच में प्रवेश के दौरान सिंगल गर्ल चाइल्ड को प्रवेश में वरीयता दी जाती है। अगर जुड़वा बेटियां हैं तो उन्हें एक ही मानकर लाभ दिया जाता है। हर कक्षा में दो सीट बेटियों के लिए आरक्षित की गई है।