फिजिशियन डाॅ. राजीव जायसवाल ने बताया कि बदलते मौसम में लापरवाही से खांसी, बुखार व जुकाम की चपेट में आ सकते हैं। इस मौसम में अस्थमा, डायबिटीज, हाई बीपी, दिल की बीमारी की परेशानी से जूझ रहे बुजुर्गों को विशेष सतर्क रहना चाहिए। इस मौसम में गुनगुना पानी पीना चाहिए, ताकि सर्दी, जुकाम और खांसी की समस्या दूर रहे। योग का सहारा लेकर शरीर और मन को चुस्त-दुरुस्त रखें।
ज्यादा मसालेदार भोजन से परहेज करें ताकि कब्ज से बच सकें। संभव हो तो डायबिटीज के मरीज और 60 साल से ज्यादा की उम्र के बुजुर्ग कोलेस्ट्राल टेस्ट जरूर कराएं, क्योंकि इस मौसम में शरीर को गर्मी देने के लिए नसें सिकुड़ने लगती हैं और खून गाढ़ा हो जाता है। इससे खून के संचार में परेशानी आती है और फिर पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन नहीं मिल पाने के कारण दिल का काम आम दिनों के मुकाबले बढ़ जाता है।
इसे भी पढ़ें: वायु प्रदूषण पर अफसर हुए गंभीर, अब बदलेगी थोड़ी तस्वीर
बदलते मौसम में स्वास्थ्य की कुछ समस्याएं यानी सर्दी, खांसी या बुखार की आशंका बढ़ जाती है। इस समय हमें अपने घर के बच्चे व बड़े-बुजुर्गों की सेहत का भी खास ख्याल रखने की आवश्यकता है। ठंड के कारण धुंध बढ़ती है। धुंध होने की वजह से प्रदूषण के कण नीचे आ जाते हैं, जो हार्ट तक पहुंचते हैं। इससे हार्ट की बीमारी की आशंका बनी रहती है। उम्र के ज्यादा हो जाने के कारण बीमारी से लड़ने की शारीरिक क्षमता कम हो जाती है और सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द जैसी परेशानियां के साथ बुजुर्गों में सांस की परेशानी या अस्थमा का अटैक सबसे सामान्य समस्या है।