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गजब: ट्रक का एक ही समय पर दो जगह काटा चालान, ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने इन विभागों पर लगाया बेवजह प्रताड़ित करने का आरोप

Thu, 02 Sep 2021 04:41 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

ऑनलाइन चालान की रसीद मिलने पर ट्रांसपोर्टर को हुई जानकारी। ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने यातायात और पुलिस विभाग पर लगाया बेवजह चालान कर प्रताड़ित करने का आरोप।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर महानगर की यातायात पुलिस ने एक ट्रक का चालान एक ही समय पर दो जगह कर डाला। यातायात पुलिस के कारनामे से हैरान वाहन मालिक का कहना है कि कोरोना महामारी के मद्देनजर शासन ने भारी वाहनों को 30 सितंबर तक परमिट, टैक्स, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस आदि से छूट दे रखी है। यातायात पुलिस की इस कार्रवाई को गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने अनैतिक बताते हुए चालान वापस किए जाने की मांग की है।
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ट्रक मालिक अरुण कुमार वाधवा की कानपुर में कार्गो मूवर्स कंपनी है। अरुण कुमार के अनुसार 17 अप्रैल 2021 को उन्होंने ट्रक संख्या यूपी 78 एटी 7808 से माल गोरखपुुर के साहबगंज बाजार भेजा था। 25 अगस्त के बाद उन्हें गोरखपुर पुलिस की ओर से दो चालान मिले। पहले चालान पर दिनांक 17/04/2021, समय 12:11:39 और स्थान सहारा वैकुुंठ धाम के पास राजघाट, बसंतपुर गोरखपुर इंगित किया गया है। इसमें प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट नहीं होने, पार्किंग नियम का उल्लंघन, रिफ्लेक्टर नहीं होने, रेट्रोरिफ्लेक्टिव टेप मानक के अनुरूप नहीं होने और स्पीड लिमिट डिवाइस (स्पीड गवर्नर) नहीं होने की धाराएं लगाई गई हैं। चालान राशि 21500 रुपये इंगित की गई है।

 दूसरे चालान में भी दिनांक 17/04/2021, समय 12:11:39 दर्शाया गया है। इसमें स्थान मऊ गोरखपुर रोड बसंतपुर गोरखपुर दर्शाया गया है। चालान में अन्य धाराएं तो पहले चालान वाली ही हैं, लेकिन इसमें मांगे जाने पर लाइसेंस नहीं दिखाए जाने और मालिक का नाम पता नहीं बताने का भी आरोप लगाया गया है। अरुण कुमार वाधवा का कहना है कि एक ही वाहन का चालान एक ही समय पर दो जगह कैसे हो सकता है ? उनका दावा है कि सरकार ने कोरोना महामारी के मद्देनजर परमिट, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस, टैक्स आदि में 30 सितंबर तक छूट दे रखी है। यह भी आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट होने के बावजूद चालान कर दिया गया।
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गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह कहते हैं कि स्पीड गर्वनर नहीं लगा होने पर फिटनेस सर्टिफिकेट ही नहीं जारी किया जाता है। आरोप है कि बिना जांचे ही स्पीड गर्वनर नहीं होने की धारा भी चालान में जोड़ी गई है। उनका आरोप है कि पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे ट्रांसपोर्टर्स को यातायात पुलिस अपना गुडवर्क दिखाने के लिए बेवजह परेशान कर रही है। गुरुवार को ट्रांसपोर्टर्स गुड्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एसएसपी से मिलकर चालान निरस्त कराने और ट्रांसपोर्टर्स से गलत व्यवहार नहीं किये जाने की मांग करेंगे। एसपी यातायात आरएस गौतम ने बताया कि अलग-अलग जगह मौजूद पुलिस अधिकारियों ने मोबाइल एप पर चालान किया होगा। यदि एक ही दिन में दो चालान कट गए हैं तो ऑनलाइन ई-चालान में दोनों मर्ज हो जाएंगे। केवल एक ही चालान का शमन शुल्क जमा करना होगा।  
 
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनीता सिंह ने बताया कि सरकार ने परमिट, फिटनेस, टैक्स आदि की छूट नहीं दी है, बल्कि कोरोना महामारी के मद्देनजर यह व्यवस्था की है कि यदि कोई प्रमाणपत्र एक्सपायर कर जाता है तो उसे 30 सितंबर तक मान्य किया जाएगा। यानी समय सीमा समाप्त होने के बावजूद यह प्रमाणपत्र तीस सितंबर 2021 तक मान्य होंगे।
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