गोरखपुर महानगर की यातायात पुलिस ने एक ट्रक का चालान एक ही समय पर दो जगह कर डाला। यातायात पुलिस के कारनामे से हैरान वाहन मालिक का कहना है कि कोरोना महामारी के मद्देनजर शासन ने भारी वाहनों को 30 सितंबर तक परमिट, टैक्स, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस आदि से छूट दे रखी है। यातायात पुलिस की इस कार्रवाई को गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने अनैतिक बताते हुए चालान वापस किए जाने की मांग की है।
ट्रक मालिक अरुण कुमार वाधवा की कानपुर में कार्गो मूवर्स कंपनी है। अरुण कुमार के अनुसार 17 अप्रैल 2021 को उन्होंने ट्रक संख्या यूपी 78 एटी 7808 से माल गोरखपुुर के साहबगंज बाजार भेजा था। 25 अगस्त के बाद उन्हें गोरखपुर पुलिस की ओर से दो चालान मिले। पहले चालान पर दिनांक 17/04/2021, समय 12:11:39 और स्थान सहारा वैकुुंठ धाम के पास राजघाट, बसंतपुर गोरखपुर इंगित किया गया है। इसमें प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट नहीं होने, पार्किंग नियम का उल्लंघन, रिफ्लेक्टर नहीं होने, रेट्रोरिफ्लेक्टिव टेप मानक के अनुरूप नहीं होने और स्पीड लिमिट डिवाइस (स्पीड गवर्नर) नहीं होने की धाराएं लगाई गई हैं। चालान राशि 21500 रुपये इंगित की गई है।
दूसरे चालान में भी दिनांक 17/04/2021, समय 12:11:39 दर्शाया गया है। इसमें स्थान मऊ गोरखपुर रोड बसंतपुर गोरखपुर दर्शाया गया है। चालान में अन्य धाराएं तो पहले चालान वाली ही हैं, लेकिन इसमें मांगे जाने पर लाइसेंस नहीं दिखाए जाने और मालिक का नाम पता नहीं बताने का भी आरोप लगाया गया है। अरुण कुमार वाधवा का कहना है कि एक ही वाहन का चालान एक ही समय पर दो जगह कैसे हो सकता है ? उनका दावा है कि सरकार ने कोरोना महामारी के मद्देनजर परमिट, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस, टैक्स आदि में 30 सितंबर तक छूट दे रखी है। यह भी आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट होने के बावजूद चालान कर दिया गया।