इसके चलते वैशाली और गोरखधाम जैसी ट्रेनों को भी आने-जाने में औसत से अधिक समय लग रहा है। वैशाली तो सोमवार को 11 घंटे लेट हो गई थी। लेकिन अब छपरा में एनआई का काम पूरा हो चुका है। छपरा-छपरा कैंट के बीच एनईआर की दूसरी थर्ड लाइन का काम 14 जनवरी को पूरा हो गया था।
सीआरएस निरीक्षण के बाद इस लाइन को सफलतापूर्वक चालू किया जा चुका है। इसके चलते बिहार की तरफ से आने वाली ट्रेनों का रूट डायवर्जन और कैंसिलेशन समाप्त हो गया है। इसके अलावा बाराबंकी स्टेशन पर चल रहा यार्ड रिमाडलिंग का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। जो थोड़ा काम बाकी है, वह अयोध्या रूट पर है, जिसका अभी सीआरएस होना है। माना जा रहा है कि यह काम अब 22 तारीख के बाद होगा। बाराबंकी स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग के बाद इस रूट पर ट्रेनों के संचालन में सुविधा होगी।
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सीतापुर में एनआई के बाद पूरा रूट हो जाएगा डबल
सीतापुर-सीतापुर कैंट स्टेशन के बीच करीब ढाई किलोमीटर की दूरी है। इन दोनों स्टेशन के बीच अभी सिंगल लाइन थी। इसके चलते ट्रेनों को लाइन क्लीयर के लिए इंतजार करना पड़ता था। इंटरलाकिंग का कार्य पूरा होने के बाद बुढ़वल से लेकर दिल्ली तक पूरा रूट डबल हो जाएगा। बुढ़वल से गोरखपुर तक पूरी लाइन डबल है। इस तरह छपरा से लेकर दिल्ली तक पूरी लाइन ही डबल हो जाएगी। ट्रेनों को कहीं लाइन क्लीयर के लिए आउटर पर घंटों खड़ा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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