साल 2014 में घोरही नदी पर टीकर व करौता के बीच पुल तो बना, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। पुल के दोनों तरफ एप्रोच पर मानक के अनुरूप मिट्टी नहीं पाटी गई। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी, जिसके चलते लगभग डेढ़ माह से घोरही नदी पुल के नीचे की मिट्टी को काटती रही।
ग्रामीणों ने प्रशासन को इसकी सूचना भी दी थी, लेकिन पुल के नीचे मिट्टी कटान को रोकने के लिए अस्थाई या स्थाई कोई भी उपाय नहीं किया गया। कटान के कारण भुतहवा से पन्नापुर तक जाने वाले पीडब्ल्यूडी मार्ग का आधा हिस्सा नदी में विलीन हो गया। सड़क कटने की सूचना मिलने पर शोहरतगढ़ एसडीएम उत्कर्ष श्रीवास्तव और पीडब्ल्यूडी व सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उधर ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक विनय वर्मा को भी कटान की सूचना दी।
बह गई थी 23 लाख रुपये की बोरियां
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ समय पूर्व सिंचाई विभाग ने 23 लाख रुपये की लागत से 300 मीटर लंबे अस्थाई ठोकर का निर्माण कराया था, लेकिन बनवाने के दूसरे दिन नदी में आई बाढ़ से लगभग डेढ़ सौ मीटर ठोकर बह गया। विधायक विनय वर्मा के पत्र पर डीएम संजय रंजन ने जांच के लिए कमेटी गठित की, लेकिन प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं दी है। स्थानीय निवासी विनोद,पुजारी,जगराम,राम हरीश ,राकेश यादव,राम सिंह,विजय सिंह आदि ने नदी की कटान रोकने के लिए स्थाई समाधान की मांग की है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि कटान रोकने के लिए कार्य जारी है।