कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मरीजों के घरों पर फिर से आइवरमैक्टिन, जिंक, फालिक एसिड टैबलेट भेजे जा रहे हैं। साथ ही मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की सूची भी तैयार की जा रही है। उनसे लक्षणों को लेकर वार्ता भी की जा रही है। कोई दिक्कत आने पर पांच से छह दिनों बाद कोरोना जांच की सलाह दी जा रही है।
समितियां की गईं सक्रिय
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल बनाई गई समितियों को फिर से सक्रिय कर दिया है। समितियों ने पिछले साल कोरोना मरीजों का पूरा डाटा तैयार किया था। ऐसे समितियों की संख्या करीब दो हजार के आसपास थी। यही समितियां फिर से मरीजों का पूरा ब्योरा तैयार करेंगी।
लेवल-टू अस्पताल चलाने की अनुमति मांगी
फातिमा अस्पताल प्रबंधन ने पिछले साल की तरह इस साल भी कोविड लेवल टू अस्पताल चलाने की अनुमति स्वास्थ्य विभाग से मांगी है। हालांकि अभी विभाग ने अनुमति नहीं दी है। सीएमओ ने बताया कि अभी किसी निजी अस्पताल को कोविड मरीजों के इलाज की अनुमति नहीं दी गई है। बीआरडी में 300 बेड का कोविड अस्पताल तैयार है। यहां पर मरीजों की संख्या अधिक होने के बाद 100 बेड टीबी अस्पताल में मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
निरीक्षण कर देखी इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्था
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार की देर रात एसआईसी डॉ. एसी श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया। उन्होंने होली को देखते हुए 30 बेड रिजर्व करने के निर्देश दिए। इस बीच साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर न होने पर नाराजगी व्यक्त की। सख्त हिदायत दी कि वार्ड में सफाई के इंतजाम बेहतर होने चाहिए। ऐसा न होने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।