फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indo Nepal Border News: सीमा हैदर के लिए कसा बॉर्डर तो और तमतमाया नेपाली टमाटर

Wed, 26 Jul 2023 12:40 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

पाकिस्तान सीमा हैदर के नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश पर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा तो सरहद पर सतर्कता और जांच बढ़ा दी गई। उसी के बाद 15 जुलाई को तीन टन टमाटर नेपाल के रास्ते तस्करी को लाए जाने के दौरान महराजगंज में पकड़ा गया।
विज्ञापन
भारत नेपाल सीमा पर शिकंजा। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नेपाल बॉर्डर से पाकिस्तानी सीमा हैदर की इंट्री ने देश में तो हलचल मचाया ही है, टमाटर भी और तमतमा गया है। आवक कम होने से ग्राहकों की जेब और ज्यादा ढीली हो रही है।

विज्ञापन


दरअसल, पाकिस्तान सीमा हैदर के नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश पर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा तो सरहद पर सतर्कता और जांच बढ़ा दी गई। उसी के बाद 15 जुलाई को तीन टन टमाटर नेपाल के रास्ते तस्करी को लाए जाने के दौरान महराजगंज में पकड़ा गया। इसका सीधा असर गोरखपुर की मंडी पर भी पड़ा। एक हफ्ते पहले सब्जी मंडी में आठ गाड़ी नेपाल टमाटर तस्करी करके लाया जा रहा था, वहीं सख्ती बढ़ने के बाद अब दो गाड़ियां भी मुश्किल से उतर पा रही हैं।

आवक कम होने की वजह ही है कि दस दिन पहले तक ममंडी में जिस नेपाली टमाटर का भाव 60 से 80 रुपये किलो था, अब 80 से 100 रुपये पहुंच गया है। दरअसल, एडीजी अखिल कुमार ने ऑपरेशन कवच के तहत गांव में बनाई गईं टोलियों और पुलिस को सक्रिय कर दिया है।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: नेपाल में बारिश से खतरा: दो दिन में दो मीटर बढ़ सकती है राप्ती, जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका

ऑपरेशन कवच के तहत भारत-नेपाल सीमा पर युवाओं की टोलियां बनाई गई हैं, जो पुलिस को खुफिया जानकारी देती हैं। एक टोली में नई उम्र के दस युवाओं को शामिल किया जाएंगे, जो संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देंगे। तस्करी और आतंकी गतिविधियों की रोकथाम के लिए पुलिस ने यह प्रयोग किया है। इसके पहले से ग्राम सुरक्षा समितियां भारत-नेपाल सीमा पर नजर रखती थीं। प्रदेश सरकार के आदेश पर पुलिस नेपाल से सटे सात जिलों में पूर्व सैनिक या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी की अध्यक्षता में ग्राम सुरक्षा समितियों का गठन कर चुकी है। अचानक एडीजी ने सभी को सक्रिय कर दिया तो इसका असर नेपाली टमाटर पर पड़ने लगा है।
 

सरहद पर 570 किमी में 300 से ज्यादा पगडंडियां

उत्तर प्रदेश के महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिले से नेपाल की 570 किलोमीटर सीमा लगी है। दोनों देश में आने-जाने के लिए सोनौली, खूंनवा, रुपईडीहा के अलावा 300 से अधिक पगडंडियां हैं। इन रास्तों से देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के घुसपैठ करने व तस्करी की आशंका बनी रहती है।

इसे भी पढ़ें: बंकर में फंसे थे आठ जवान, रॉकेट लांचर से उन्हें बचाने में शहीद हुए थे लेफ्टिनेंट गौतम

पगडंडियों पर बढ़ाई गई गश्त
पगडंडी के रास्ते भारत में आने और यहां से जाने वालों पर एसएसबी, खुफिया एजेंसियों के अलावा स्थानीय पुलिस नजर रख रही है। एडीजी के निर्देश पर नेपाल सीमा से सटे थानों की पुलिस अपने क्षेत्र में एसएसबी के साथ पेट्रोलिंग कर रही है।
विज्ञापन

प्रतिबंधित है नेपाल से टमाटर का आयात

भारत-नेपाल सीमा पर आयात-निर्यात के लिए निर्धारित केंद्र बनाए गए हैं। इन्हें इनलैंड कस्टम स्टेशन (अंतरदेशीय सीमा शुल्क केंद्र) कहते हैं। कोई भी व्यापारी या दलाल बगैर आइईसी (आयात-निर्यात कोड) प्रमाणपत्र के आयात नहीं कर सकता। सामान्य तौर पर चावल, गेहूं, फल व सब्जियां भारत से नेपाल निर्यात की जाती हैं तो नेपाल से जड़ी-बूटी, तेजपत्ता, दालचीनी आदि का आयात होता है। टमाटर का भारत से नेपाल को निर्यात तो किया जा सकता है, लेकिन आयात प्रतिबंधित है।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें