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फर्जी टिकट-आधार पर यात्रा: दूसरे के नाम बना था टिकट, 11 पकड़े गए- बिचौलियों के खिलाफ केस दर्ज

Wed, 24 Jun 2026 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

मामले में यात्रियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 142 तथा बिचौलियों के खिलाफ धारा 143 के तहत छह प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरपीएफ इंस्पेक्टर दशरथ प्रसाद ने बताया कि पकड़े गए यात्रियों की सूचना पर श्याम उर्फ चिंटू, दिलीप कुमार चौरसिया और राजेश समेत कई वांछित टिकट बिचौलियों की तलाश शुरू कर दी है।
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गिरफ्तार आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने लगातार तीसरे दिन टीटीई की मदद से ट्रेनों में जांच अभियान चलाकर (20104) गोरखपुर-एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस से 11 यात्रियों को पकड़ा है। ये लोग दूसरे के नाम पर बने टिकट पर यात्रा कर रहे थे। इन यात्रियों के पास फर्जी आधार कार्ड मिला है। इनमें नौ पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं।

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गोरखपुर स्टेशन पर हुई कार्रवाई में पकड़े गए यात्रियों ने बताया कि उन्होंने बिचौलियों के माध्यम से टिकट मूल्य के अलावा 1000 से 1500 रुपये देकर टिकट खरीदे थे। उनके पास मिले टिकट अन्य व्यक्तियों के नाम पर बुक कराए गए थे। पकड़े गए यात्रियों में नबी रसूल खां 25 वर्ष राकेश कुमार के नाम से बनाए गए फर्जी आधार पर यात्रा कर रहा था।

इसी प्रकार सुरेश (33), रुपेश (26), प्रेम (26), राजेश कुमार गुप्ता (26), रविंद्र गुप्ता (26), मंजेय (28), रापू कुमार (38), शशि कपूर (26), कल्पना देवी (38) और रेनू (24) फर्जी आधार कार्ड दिखाकर पर यात्रा कर रही थीं। जांच के दौरान फर्जी एवं एडिट किए गए आधार कार्ड और रेलवे टिकट बरामद किए गए। जब्त टिकटों की कुल कीमत 12,119 रुपये बताई गई है।
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मामले में यात्रियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 142 तथा बिचौलियों के खिलाफ धारा 143 के तहत छह प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरपीएफ इंस्पेक्टर दशरथ प्रसाद ने बताया कि पकड़े गए यात्रियों की सूचना पर श्याम उर्फ चिंटू, दिलीप कुमार चौरसिया और राजेश समेत कई वांछित टिकट बिचौलियों की तलाश शुरू कर दी है।

बिचौलियों का संगठित गिरोह यात्रियों को दूसरे लोगों के नाम पर बुक टिकटों और फर्जी पहचान पत्र बनाकर ऊंचे दामों पर बेच रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच उपनिरीक्षक संदीप कुमार को सौंप दी गई है।
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