राजघाट इलाके के नार्मल स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय से मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे तीन छात्राएं अचानक हॉस्टल से निकल गईं। सूचना मिलते ही पुलिस ने राजघाट, कोतवाली और तिवारीपुर थानों की पांच टीमें लगाईं।
150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने बुधवार शाम करीब छह बजे तक तीनों छात्राओं को खोज लिया। सभी को वन स्टॉप सेंटर में रखकर काउंसिलिंग की जा रही है। तीनों छात्राओं की उम्र 13, 16 और 17 वर्ष है। पुलिस के अनुसार, हॉस्टल से निकलते समय छात्राओं के पास उनकी पॉकेट मनी थी।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि पहले वे रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास घूमती रहीं। इसके बाद एक छात्रा के रिश्तेदार के सिंघड़िया स्थित घर चली गईं। वहां सुबह एक छात्रा रुक गई जबकि दो अन्य नंदानगर बस स्टैंड पहुंचीं और बस से गोपालगंज चली गईं।
इधर, छात्राओं के लापता होने की सूचना के बाद पुलिस ने शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। 150 से अधिक कैमरों की जांच में दोनों छात्राएं नंदानगर के पास दिखाई दीं। इसके आधार पर पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और पूछताछ में उनके गोपालगंज जाने की जानकारी मिली।
टीम गोपालगंज पहुंची तो पता चला कि छात्राएं वहां से गोरखपुर जाने वाली बस में सवार होकर निकल चुकी हैं। इसके बाद पुलिस ने बस स्टैंड पर टीम तैनात कर दी। बुधवार शाम करीब छह बजे दाेनों छात्राओं को वहीं से बरामद कर लिया गया। वहीं, एक छात्रा को सुबह ही रिश्तेदार के घर पर मिल गई थी।
हॉस्टल लाइफ से हो गई थीं परेशान
पुलिस की पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि वे हॉस्टल की जिंदगी से ऊब गई थीं और बाहर घूमना चाहती थीं। इसी वजह से उन्होंने हॉस्टल से निकलने का फैसला किया। करीब एक दिन बाद उन्हें अपने फैसले पर पछतावा हुआ और वे लौट आईं। जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से एक छात्रा पहले भी हॉस्टल से बिना बताए जा चुकी थी।
छात्राओं के लापता होने की सूचना के बाद जांच के लिए पांच टीमें लगाई गई थीं। तीनों को बरामद कर लिया गया है। वन स्टॉप सेंटर में उनकी काउंसिलिंग की जा रही है: निमिष पाटील, एसपी सिटी