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संतकबीरनगर: थाने में व्यवसायी की पिटाई के मामले में एसओ समेत तीन पुलिस कर्मी निलंबित, पूर्व सीएम अखिलेश ने कसा था तंज

Fri, 08 Oct 2021 06:46 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, संतकबीरनगर।

सार

आईजी और एसपी ने पीड़ित के घर पहुंच कर 35 मिनट बंद कमरे में की पूछताछ, एसपी ने संबंधितों के खिलाफ एएसपी को सौंपी विभागीय जांच।
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डॉ. कौस्तुभ, एसपी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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संतकबीरनगर जिले में धनघटा थाने में सर्राफा व्यवसायी की हुई पिटाई के मामले में शुक्रवार को एसपी ने दोषी एसओ समेत तीन पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही संबंधितों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जांच एएसपी को सौंप दी। एसपी ने धनघटा में नए थानाध्यक्ष विनय कुमार पांठक की तैनाती भी कर दी। एसपी ने यह कार्रवाई आईजी बस्ती के निर्देश पर किया।    

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धनघटा क्षेत्र के लहुरेगांव निवासी शैलेंद्र वर्मा और उनके पट्टीदार राजकुमार वर्मा के बीच बुधवार की देर शाम जमीन संबंधी विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। रात में ही दोनों पक्ष थाने पर पहुंचे और फिर भिड़ गए थे। शैलेंद्र वर्मा का आरोप है कि जमीन संबंधी विवाद में वह तथा उनके विपक्षी थाने पर गए हुए थे। जहां विपक्षी की मिलीभगत से एसओ और थाने के पुलिस कर्मियों ने मिलकर उन्हें मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

शैलेंद्र वर्मा का इलाज मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा था, जहां से शुक्रवार की सुबह वह डिस्चार्ज होकर लौटे। घटना की जानकारी होने पर आईजी अनिल कुमार राय और एसपी डॉक्टर कौस्तुभ शुक्रवार को दोपहर लहुरेगांव शैलेंद्र वर्मा के घर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों से बंद कमरे में करीब 35 मिनट तक बातचीत किया।
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पीड़ित ने एसओ समेत अन्य पुलिस कर्मियों की बबर्रता की कहानी दोनों अधिकारियों को बताया है। उसने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इधर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित जैन और जिलाध्यक्ष श्रवण अग्रहरि की अगुआई में प्रतिनिधि मंडल पीड़ित सर्राफा व्यवसायी शैलेंद्र वर्मा के घर पहुंचे और मामले की जानकारी जुटाई।

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पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कसा तंज

व्यापारी नेताओं ने आईजी व एसपी से मुलाकात कर प्रकरण में दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दिया। आईजी अनिल कुमार राय ने बताया कि इस मामले की जांच गंभीरता पूर्वक की जा रही है। जल्द ही अगली कार्रवाई की जाएगी। आईजी और एसपी वहां से लौटने के बाद करीब दो घंटे तक धनघटा थाने पर मौजूद रहकर जांच पड़ताल किया। बाद में धनघटा के नवागत थानाध्यक्ष विनय पाठक पीड़ित के घर पहुंच कर शैलेंद्र वर्मा का बयान दर्ज किए।

पीड़ित शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि आईजी और एसपी ने उन्हें न्याय का भरोसा दिया है। इस मामले में हटाए गए थानाध्यक्ष अनिल कुमार दुबे समेत अन्य पुलिसकर्मी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए तहरीर दिया जा रहा है।

एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने कहा कि लहुरेगांव के निवासी शैलेंद्र वर्मा के घर आईजी अनिल कुमार के साथ गए थे। पूछताछ में शैलेंद्र वर्मा ने एसओ अनिल कुमार दुबे,एसआई अमरनाथ यादव व पहरा डयूटी के सिपाही पर दुर्व्यवहार करने और मारने-पीटने का आरोप मढ़ा। सीओ धनघटा राम प्रकाश की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए गए एसओ समेत तीनों पुलिस कर्मियो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। संबंधितों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जांच एएसपी को सौंपी गई है। शैलेंद्र वर्मा व उनके भाईयों पर दर्ज मुकदमें की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही इंस्पेक्टर विनय कुमार पाठक को धनघटा का नया थानाध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया।    

धनघटा थाने में सर्राफा व्यवसायी की पुलिस के जरिए की गई पिटाई की घटना पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने व्यवस्था पर तंज कसा है। उन्होने अपने ट्वीट में लिखा है कि संतकबीरनगर में थाने में बंद व्यापारी के साथ बर्बरता गोरखपुर कांड की पुनरावृत्ति है। इसमें अच्छे से अच्छा इलाज और सच्ची जांच हो। इससे उत्तर प्रदेश के कारोबारी भयभीत है। इससे उत्तर प्रदेश में कारोबारी माहौल व होटल व्यवसाय पर बहुत खराब असर पड़ा है। तंज कसते हुए लिखा है कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश को भय मुक्त कर दिया है। 
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