घायलों को अस्पताल ले जाती पुलिस व स्थानीय लोग।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां लोहरपुरवा गांव के हनुमान नगर में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान लोहारपुरवा के कमलेश चौरसिया (28), गायत्रीनगर के पंकज पासवान (22) व शाहपुर थाना क्षेत्र के ढाढ़ी टोला निवासी जोखन (50) के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक कैंपियरगंज के हनुमान नगर में गोरखपुर-सोनौली हाईवे के बगल में राजस्व विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी के मकान की दूसरी मंजिल का निर्माण कार्य चल रहा है। दोपहर करीब एक बजे तीन मजदूर लोहारपुरवा के कमलेश चौरसिया (28), गायत्रीनगर के पंकज पासवान (22) व शाहपुर थाना क्षेत्र के ढाढ़ी टोला निवासी जोखन (50) बगल से लोहे की बड़ी सीढ़ी को ट्रॉली समेत धक्का देकर निर्माण स्थल पर ले जा रहे थे। निर्माणाधीन मकान के पास से ही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजरी है। सीढ़ी की ऊंचाई अधिक होने के कारण तार से छू गई और तीनों मजदूर करंट की चपेट में आकर झुलस गए।
हादसा देख काम कर रहे दूसरे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। आनन फानन हादसे के शिकार मजदूरों को सीएचसी कैंपियरगंज ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने कमलेश चौरसिया और पंकज पासवान को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से झुलसे जोखन को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। देर रात इलाज के दौरान जोखन की भी मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे एसओ दिलीप कुमार शुक्ला ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हादसे ने छीन ली दो घरों की खुशियां, जिम्मेदार कौन?
लोहरपुरवा गांव के हनुमान नगर के पास निर्माणाधीन मकान में काम करने वाले दो मजदूरों की मंगलवार को एचटी लाइन की चपेट में आने से हुई मौत की घटना ने उनके परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे के लिए जिम्मेदार कौन होगा, इसे लेकर ग्रामीण व बिजली निगम एक दूसरे को दोषी बता रहे हैं। हादसे में एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया है।
मौके पर पहुंचे लोगों का आरोप था कि ढीले तारों की वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोहरपुरवा के पूर्व प्रधान विजय अग्रहरि एवं धर्मराज मौर्य का कहना है कि बिजली निगम की लापरवाही से यह घटना हुई है। लंबे समय से 11 हजार वोल्ट के नंगे तारों की जगह केबल लगाने की मांग हो रही है लेकिन अफसर इस तरफ ध्यान नहीं देते।