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बदल रहा है गोरखपुर: एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का तीसरा हिस्सा बनकर तैयार, 500 यात्रियों के बैठने का अब होगा प्रबंध

Mon, 08 Jan 2024 12:52 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

डायरेक्टर एयरपोर्ट एके द्विवेदी ने कहा कि टर्मिनल भवन के तीसरे हिस्से का भी निर्माण पूरा हो चुका है। अब सुरक्षा मानकों की जांच के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जांच पूरी होते ही इसे आम यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। टर्मिनल भवन का निर्माण पूरा होने पर 500 यात्रियों को प्रतीक्षा के लिए स्थान मिल सकेगा।
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Gorakhpur airport - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का तीसरा हिस्सा भी बनकर तैयार हो चुका है। अब इस भवन की सुरक्षा मानकों पर जांच की जाएगी। इसके बाद इसे यात्रियों के लिए खोला जाएगा। यह तीसरा हिस्सा भी पूरा हो जाने पर एक साथ 500 यात्री अपनी फ्लाइट का इंतजार कर सकेंगे। इससे पहले लगभग 300 यात्रियों के बैठने की जगह थी। उम्मीद है कि 22 जनवरी यानी अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के पहले इसे खोल दिया जाएगा।

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गोरखपुर एयरपोर्ट से अब हर दिन दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद आदि शहरों के लिए फ्लाइट की सेवा उपलब्ध है। सेना के इस एयरपोर्ट पर आम नागरिकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नया टर्मिनल भवन बनाया जा रहा है। इस भवन को तीन हिस्से में बनाने की योजना थी। पहले दो हिस्से का काम पूरा हो चुका है और उसे यात्रियों के लिए खोल भी दिया गया है। अभी लगभग 300 यात्रियों के बैठने की जगह है।

दिसंबर में तीसरे हिस्से का भी निर्माण पूरा हो गया। नए भवन में यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, कैंटीन, वाई-फाई आदि की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। तीनों हिस्से का काम पूरा हो जाने पर 500 यात्रियों के प्रतीक्षा करने की जगह उपलब्ध होगी। तीसरे हिस्से को यात्रियों के लिए खोलने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि यह जांच 15 जनवरी से पहले हो जाएगी। 22 जनवरी से पहले इसे खोलने की तैयारी है।
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हैंगर बने तो नियमित उड़ान की बढ़े सुविधा
गोरखपुर एयरपोर्ट से अभी हर दिन 15 फ्लाइटें उड़ान भर रही हैं। लेकिन, यहां सबसे बड़ी समस्या जहाजों के स्टैंड को लेकर है। अभी दो ही स्टैंड हैं, इसलिए कई बार रनवे खाली नहीं मिलने पर दिक्कत आती है। दिसंबर में लखनऊ से आ रही एक फ्लाइट को रनवे पर जगह नहीं मिलने के चलते आधे घंटे तक आकाश में चक्कर लगाने पड़े थे। उसी फ्लाइट में प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी थे, जिन्हें एम्स में एक कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन समय से फ्लाइट के टेक ऑफ नहीं होने के चलते कार्यक्रम में वह देर से पहुंचे थे।

डायरेक्टर एयरपोर्ट एके द्विवेदी ने कहा कि टर्मिनल भवन के तीसरे हिस्से का भी निर्माण पूरा हो चुका है। अब सुरक्षा मानकों की जांच के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जांच पूरी होते ही इसे आम यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। टर्मिनल भवन का निर्माण पूरा होने पर 500 यात्रियों को प्रतीक्षा के लिए स्थान मिल सकेगा। इसके अलावा एयरपोर्ट पर 10 हैंगर का भी निर्माण होना है। इससे जहाजों को रनवे से हटाकर खड़ा करने का विकल्प मिल जाएगा। आने वाले दिनों में यात्रियों को और अधिक सुविधाएं मिलने लगेंगी।



 
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