गोरखपुर। रेलवे में ट्रेनों की संख्या बढ़ने और नई तकनीक के इस्तेमाल से पॉइंट्समैन और ट्रैफिक गेटमैन के काम का बोझ बढ़ गया है। इसे देखते हुए रेलवे बोर्ड ने इनके काम के वर्गीकरण की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा में कर्मचारियों की ड्यूटी, काम के घंटे और आराम के लिए मिलने वाले समय को ध्यान में रखा जाएगा। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी के अनुसार उनका वर्गीकरण तय करना है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। प्रमुख जंक्शनों, माल गाड़ियों के यार्ड, बड़े टर्मिनल स्टेशनों और अधिक ट्रेनों की आवाजाही वाले स्थानों पर तैनात कर्मचारियों के काम की जांच की जाएगी।
इसके लिए उनकी रोजाना की ड्यूटी और जिम्मेदारियों का ब्योरा जुटाया जाएगा। इसके आधार पर तय समय में वर्गीकरण की समीक्षा पूरी करनी होगी। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों का वर्गीकरण रेलवे के काम के घंटे और विश्राम संबंधी नियमों के अनुसार होना चाहिए। रेलवे सर्वेंट्स (आवर्स ऑफ वर्क एंड पीरियड ऑफ रेस्ट) रूल्स, 2005 के नियम तीन के तहत सक्षम अधिकारी को कर्मचारियों के वर्गीकरण और काम के घंटे तय करने का अधिकार है।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री महामंत्री विनोद कुमार राय ने उम्मीद जताई कि रेलवे प्रशासन जल्द ही समीक्षा कर कर्मचारियों को उनके काम के अनुसार उचित वर्गीकरण का लाभ देगा।