- असम व कोलकाता पते वाले आधार कार्ड मिलने पर प्रशासन सतर्क, गृह जनपद भेजी जाएगी सूची
- 25 थाना क्षेत्रों में चला अभियान, 2,228 से अधिक लोगों की हुई पहचान जांच, रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रह रहे लोगों के सत्यापन अभियान के तहत पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने 557 परिवारों का सत्यापन पूरा कर लिया है। जांच के दौरान इन परिवारों के पास असम के बरपेटा और कोलकाता पते वाले आधार कार्ड मिलने के बाद प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी गई है। अब इन परिवारों की सूची और पहचान पत्र उनके गृह जनपदों को भेजकर विस्तृत जांच कराने की तैयारी की जा रही है। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन इन परिवारों की गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बीते एक सप्ताह में जिले के 25 थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे कुल 557 परिवारों के 2,228 से अधिक लोगों का सत्यापन किया गया। अभियान के दौरान प्रत्येक परिवार के कम से कम दो सदस्यों के आधार कार्ड सहित अन्य पहचान पत्र एकत्र किए गए। साथ ही उनका नाम, स्थायी पता, वर्तमान निवास स्थल और आजीविका से संबंधित विस्तृत जानकारी दर्ज की गई। सत्यापन के दौरान कुछ मामले संदिग्ध पाए जाने पर टीम ने मौके से ही संबंधित व्यक्तियों के गांव के ग्राम प्रधानों से फोन पर संपर्क किया। कई मामलों में ग्राम प्रधानों ने पुष्टि की कि संबंधित व्यक्ति उनके गांव का निवासी है। इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और अब सभी संदिग्ध दस्तावेजों की औपचारिक जांच के लिए सूची और पहचान पत्र संबंधित जिलों व राज्यों के स्थानीय थानों को भेजे जा रहे हैं, ताकि वहां से आधिकारिक रिपोर्ट प्राप्त की जा सके।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि कि बाहरी जनपदों और राज्यों से आकर झुग्गियों में रह रहे लोगों की वास्तविक पहचान और पृष्ठभूमि की जांच सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी है। सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर में अवैध रूप से रह रहे या संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त लोगों की पहचान की जा सके और समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। जांच पूरी होने तक किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, सुरक्षा कारणों से सभी सत्यापित परिवारों पर निगरानी जारी रहेगी।