गोरखपुर। जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम ने खजनी तहसील की कई उर्वरक दुकानों पर छापा मारकर जांच की। इस दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर तीन दुकानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, जबकि एक दुकान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं, एक दुकान का उर्वरक व्यवसाय प्रतिबंधित कर दिया गया।
जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि उर्वरक की बिक्री अनिवार्य रूप से पीओएस मशीन के माध्यम से की जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसान के पास कितनी भूमि है और उसी के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कृषकों से अपील की कि मृदा परीक्षण रिपोर्ट और वैज्ञानिक संस्तुतियों के अनुसार ही यूरिया का प्रयोग करें। आवश्यकता से अधिक यूरिया की खरीद और उपयोग से बचें। संवाद