- शोध परियोजनाओं की संख्या के बजाय उनके प्रभाव और गुणवत्ता से बनेगी विश्वविद्यालय की नई पहचान
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने अब शोध की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देने की तैयारी शुरू कर दी है। कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने शुक्रवार को शिक्षकों के साथ संवाद में उच्च प्रभाव वाले (हाई इंपैक्ट) जर्नल में प्रकाशन बढ़ाने, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से अधिक वित्तपोषित परियोजनाएं हासिल करने और बाहरी प्रायोजित पीएचडी शोधार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की नई पहचान शोध परियोजनाओं की संख्या के बजाय उनके प्रभाव और गुणवत्ता से बनेगी। कुलपति ने विभिन्न विभागों के बीच संयुक्त शोध परियोजनाओं और बहुविषयक शोध को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर कुलपति ने निर्धारित समय सारिणी के अनुसार नियमित कक्षाएं संचालित करने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी भी तरह की शिथिलता स्वीकार नहीं होगी।
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दिन में दो बार छात्रावास जांचेंगे वार्डन
कुलपति ने कहा कि परिसर की स्वच्छता और छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर भी सभी को कार्य करना होगा। विभागाध्यक्षों को अपने विभाग और आसपास की स्वच्छता की नियमित निगरानी करने और वार्डनों को दिन में कम से कम दो बार छात्रावासों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने सुरक्षा, स्वच्छता, अनुशासन और विद्यार्थियों की समस्याओं पर लगातार नजर रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एमएमएमयूटी को राष्ट्रीय स्तर का उत्कृष्ट संस्थान बनाने के लिए शोध, शिक्षण, नवाचार, अनुशासन और स्वच्छता सहित सभी मोर्चों पर एक साथ काम करना होगा।