एजेंसी ने पिछले दिनों जब्त किया था तस्करी का सोना
- फोटो : अमर उजाला
पिछले दिनों पकड़ा गया सोना
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सूत्र बताते हैं कि चुनाव में आयोग की सख्ती और जीएसटी विभाग की हाल में शुरू की गई सक्रियता से इन धंधेबाजों ने इसी रास्ते को मुफीद समझा है। सूत्र ने बताया जैसे, मोहित (काल्पनिक नाम) को अपने सोने के खेप को मंगवाना है तो वह गोरखपुर किराना मंडी, साहबगंज के हवाला कारोबारियों से संपर्क बना लेता है।
कुछ सोने के भी हवाला कारोबारी इसमें सिंडिकेट की मदद करते हैं। मोहित के पास धंधेबाज व्यापारी जाएगा और अपनी रकम के बदले उसे मुनाफा देगा। इसके बदले 10 रुपये के नोट का एक नंबर कोलकाता का व्यापारी बताएगा। इसी नोट को शहर के हवाला कारोबारी को मोहित को देना होगा। इसी नोट के नंबर के टोकन से कोलकाता में हवाला की रकम का सोना सौंप दिया जाता है। ठीक ऐसे ही दिल्ली में भी इनका हवाला कारोबार चलता है।
सूत्रों ने बताया कि एजेंसी अगर शाहमारूफ का पान दरीबा, पांडेयहाता चौराहा, साहबगंज का खूनीपुर चौराहा के इलाकों में सख्ती तेज कर दे तो हवाला के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
कोलकाता में पकड़ा, लेकिन सेटिंग से छूट गया
गोरखपुर भगत चौराहे के पास रहने वाले एक बैंकॉक के धंधेबाज का तस्करी का सोना पिछले दिनों पकड़ में आ गया था। सूत्र बताते हैं कि जैकेट के बांह के पतले अस्तर में अवैध सोने की खेप चढ़ाए हुए थे। इसके अलावा घड़ी के दोनों पट्टे में पांच- पांच तोला की चैन, बेल्ट में अंदर का स्तर, टीवी रिमोट में बैटरी रखने वाली जगह सोना दबाए हुए थे। लेकिन, सेटिंग और सिस्टम को वजह से इन्हें छोड़ दिया गया।
बैंकॉक से बड़हलगंज कनेक्शन, जमकर तस्करी
बड़हलगंज इसके में नए नवेले रईस बनें लोग स्थानीय लोगों की नजर में भी हैं। उन्हें भी पता है और खुद दबी जुबान में को मानते हैं कि सिस्टम की सेटिंग से ही आज ऐसे लोग रईस बनकर अपना रौब बना लिए हैं।
एजेंसी अगर खुलकर इनकी जांच करें और नेटवर्क सिस्टम को खंगाले तो ऐसे कई हवाला कारोबारी और अवैध धंधेबाज सामने आ जाएंगे। अचानक से बने रईस की कहानी भी सामने खुलकर आ जाएगी।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड प्रथम, जीएसटी विमल कुमार राय ने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू है। अचार संहिता में चुनाव आयोग ने जीएसटी को और भी अतिरिक्त अधिकार दिए हैं। मंडल के सभी जिलों में टीमें एयरपोर्ट से लेकर हाईवे पर तैनात हैं। अवैध सोने या किसी भी पार्सल, बुकिंग या किसी भी माध्यम से जो चुनाव को प्रभावित करें, ऐसे किसी काम को जीएसटी की टीमें रोकेंगी। लगातार गोपनीय तरीके से काम चल रहा है।