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आचार संहिता: गोरखपुर में हवाला कारोबार से सराफा का धंधा, भाव बढ़कर 500 हुआ- जानिए खुंथाई की कहानी

Sat, 06 Apr 2024 12:59 PM IST
रोहित सिंह रोहित सिंह, गोरखपुर

सार

एक किलो सोना कोलकाता से मंगवाने पर यहां किराना, साहबगंज या बिसाता मंडी में धंधेबाज को करीब 65 लाख रुपये नकद और हवाला का 32,500 हजार रुपये अतिरिक्त देना होगा। इसके बाद कोलकाता से धंधेबाज का सोना गोरखपुर से लिए रवाना हो जाएगा।

 
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विदेशी सोने की तस्करी( सांकेतिक) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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आदर्श चुनाव आचार संहिता ने सराफा का अवैध धंधा करने वाले धंधेबाजों के भाव बढ़ा दिए हैं। हवाला के सहारे सोने के धंधेबाज गोरखपुर में बैठकर भी कोलकाता और दिल्ली से व्यापार कर रहे हैं। हवाला कारोबार में एक पेटी (एक लाख रुपये) पर पहले 200 रुपये टोकन लगता था, लेकिन अब चुनाव की वजह से इस रकम को 500 रुपये तक बढ़ा दिया गया है।
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एक किलो सोना कोलकाता से मंगवाने पर यहां किराना, साहबगंज या बिसाता मंडी में धंधेबाज को करीब 65 लाख रुपये नकद और हवाला का 32,500 हजार रुपये अतिरिक्त देना होगा। इसके बाद कोलकाता से धंधेबाज का सोना गोरखपुर से लिए रवाना हो जाएगा।

एजेंसी ने पिछले दिनों जब्त किया था तस्करी का सोना - फोटो : अमर उजाला

दरअसल, चुनाव के बीच आचार संहिता में कुरियर कंपनी बंद होने के बाद शाहमारूफ और बिसाता मंडी मजबूत सहारा बन गया है। इसमें धंधेबाज की कड़ी का काम साहबगंज और किराना कमेटी के कुछ खास व्यापारी करते हैं। सूत्रों ने बताया कि शाहमारूफ चाइना के सामान की बड़ी मंडी है।

यहां चाइना के कॉस्मेटिक से लेकर खिलौने और अन्य सामान आते हैं। ये सभी सामान कोलकाता के बंदरगाह पर जहाज से उतरते हैं। कंटेनर से इन सामान को चीन से भारत में लाया जाता है। इन सामान में ही धंधेबाज साठगांठ कर कोलकाता से सोने की तस्करी की भी बुकिंग करवा रहे हैं। इसके बदले हवाला के सहारे इन तक रुपये पहुंच जाते हैं।

पिछले दिनों पकड़ा गया सोना - फोटो : अमर उजाला
सूत्र बताते हैं कि चुनाव में आयोग की सख्ती और जीएसटी विभाग की हाल में शुरू की गई सक्रियता से इन धंधेबाजों ने इसी रास्ते को मुफीद समझा है। सूत्र ने बताया जैसे, मोहित (काल्पनिक नाम) को अपने सोने के खेप को मंगवाना है तो वह गोरखपुर किराना मंडी, साहबगंज के हवाला कारोबारियों से संपर्क बना लेता है।

कुछ सोने के भी हवाला कारोबारी इसमें सिंडिकेट की मदद करते हैं। मोहित के पास धंधेबाज व्यापारी जाएगा और अपनी रकम के बदले उसे मुनाफा देगा। इसके बदले 10 रुपये के नोट का एक नंबर कोलकाता का व्यापारी बताएगा। इसी नोट को शहर के हवाला कारोबारी को मोहित को देना होगा। इसी नोट के नंबर के टोकन से कोलकाता में हवाला की रकम का सोना सौंप दिया जाता है। ठीक ऐसे ही दिल्ली में भी इनका हवाला कारोबार चलता है।

सूत्रों ने बताया कि एजेंसी अगर शाहमारूफ का पान दरीबा, पांडेयहाता चौराहा, साहबगंज का खूनीपुर चौराहा के इलाकों में सख्ती तेज कर दे तो हवाला के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
 

पूर्वांचल से जाकर खुंथाई (दोहरी नागरिकता) बन गए बैंकॉक में
बैंकॉक में पूर्वांचल के जाने वाले अपना स्थाई ठिकाना भी बना लेते हैं। इसमें बड़हलगंज, सोहगौरा, गोला, झुमिला गांव के लोग भी हैं। खुंथाई मतलब वहां की महिला से शादी करके वहां की नागरिकता ले लेते हैं।

ये नागरिकता एक वर्ष के वीजा का मिलता है। इस दौरान आराम से वह बैंकॉक से सोने की तस्करी का रॉकेट संचालित करते हैं। बड़हलगंज वाली तिकड़ी के अलावा इन गावों से जुड़े कुछ लोग बैंकॉक में शादी करके वहां की नागरिकता और खुंथाई हो गए हैं।

बैंकॉक से दो फ्लाइट भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर, सिस्टम तैयार
सूत्र बताते हैं कि बैंकॉक के टाइम से रात में 12:30 बजे और करीब दो बजे दो फ्लाइट बैंकॉक से भारत के भुवनेश्वर और कोलकाता एयरपोर्ट पर आती है। दो दिन पहले आई फ्लाइट से सात किलो सोने भारत आया था। यहां इनके सिस्टम की वजह से आसानी से बड़ी मात्रा में सोने की आपूर्ति होगी।

ऐसे ही मामले में लखनऊ एयरपोर्ट पर कस्टम के अधिकारियों को सोने के तस्करों की मदद करने में दोषी पाया गया है। 29 तस्कर कस्टम के अधिकारियों को चकमा देकर भगा निकले। लापरवाही पर पूरी टीम को निलंबित कर दिया गया है।
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बरामद किया सोना - फोटो : अमर उजाला
कोलकाता में पकड़ा, लेकिन सेटिंग से छूट गया
गोरखपुर भगत चौराहे के पास रहने वाले एक बैंकॉक के धंधेबाज का तस्करी का सोना पिछले दिनों पकड़ में आ गया था। सूत्र बताते हैं कि जैकेट के बांह के पतले अस्तर में अवैध सोने की खेप चढ़ाए हुए थे। इसके अलावा घड़ी के दोनों पट्टे में पांच- पांच तोला की चैन, बेल्ट में अंदर का स्तर, टीवी रिमोट में बैटरी रखने वाली जगह सोना दबाए हुए थे। लेकिन, सेटिंग और सिस्टम को वजह से इन्हें छोड़ दिया गया।

बैंकॉक से बड़हलगंज कनेक्शन, जमकर तस्करी
बड़हलगंज इसके में नए नवेले रईस बनें लोग स्थानीय लोगों की नजर में भी हैं। उन्हें भी पता है और खुद दबी जुबान में को मानते हैं कि सिस्टम की सेटिंग से ही आज ऐसे लोग रईस बनकर अपना रौब बना लिए हैं।

एजेंसी अगर खुलकर इनकी जांच करें और नेटवर्क सिस्टम को खंगाले तो ऐसे कई हवाला कारोबारी और अवैध धंधेबाज सामने आ जाएंगे। अचानक से बने रईस की कहानी भी सामने खुलकर आ जाएगी।

एडिशनल कमिश्नर ग्रेड प्रथम, जीएसटी विमल कुमार राय ने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू है। अचार संहिता में चुनाव आयोग ने जीएसटी को और भी अतिरिक्त अधिकार दिए हैं। मंडल के सभी जिलों में टीमें एयरपोर्ट से लेकर हाईवे पर तैनात हैं। अवैध सोने या किसी भी पार्सल, बुकिंग या किसी भी माध्यम से जो चुनाव को प्रभावित करें, ऐसे किसी काम को जीएसटी की टीमें रोकेंगी। लगातार गोपनीय तरीके से काम चल रहा है।
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