- एम्स में शुरू हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में मेडिकल एजुकेशन यूनिट और स्त्री एवं प्रसूति रोग और बाल रोग विभाग के सहयोग से जन्म से श्वास तक विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन बृहस्पतिवार को हुआ। कार्यशाला मातृ एवं नवजात हस्त-कौशल सिमुलेशन प्रशिक्षण विषय पर आधारित है। इसे उत्तर प्रदेश नर्सेज एवं मिडवाइव्स काउंसिल के तरफ से चार क्रेडिट पॉइंट की मान्यता प्रदान की गई है, जो नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि है।
उद्घाटन सत्र का शुभारंभ प्रो. डॉ. रेनुका ने कहा कि जन्म से पहली श्वास तक का समय जीवन का सबसे निर्णायक चरण होता है, जहां प्रशिक्षित और तत्पर स्वास्थ्यकर्मी अनेक जीवन बचा सकते हैं। कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने कॉलेज ऑफ नर्सिंग के तरफ से आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की अकादमिक पहल की सराहना की।
डॉ. लता वेंकटेशन ने कहा कि वर्तमान में सरकारी नीति निर्माण एवं स्वास्थ्य योजना में नर्सिंग नेतृत्व की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। विभागाध्यक्ष, प्रसूति एवं स्त्री रोग डॉ. शिखा सेठ ने कार्यशाला के शैक्षणिक उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। बाल रोग की विभागाध्यक्ष डाॅ.. महिमा मित्तल ने नवजात शिशुओं के जन्म के तुरंत बाद के स्वर्णिम क्षणों में आपात स्थितियों की शीघ्र पहचान एवं त्वरित प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित किया।
इस अवसर पर सभी विशिष्ट अतिथियों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं नैदानिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।