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Gorakhpur News: आखिरी कॉल लखनऊ के बिजनेस पार्टनर की थी...मौत की गुत्थी उलझी

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अंबरीश मौत प्रकरण : सुबह से पत्नी, बिजनेस पार्टनर सहित पांच लोगों के आए थे फोन
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कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिये बातचीत का समय, अवधि और संभावित विषय समझने में जुटी पुलिस
गोरखपुर। टेंट कारोबारी और गोरखपुर क्लब संचालक अंबरीश श्रीवास्तव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की गुत्थी अभी उलझी हुई है। मामले की जांच अब कॉल डिटेल और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर केंद्रित हो गई है। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि घटना से पहले अंबरीश ने तीन करीबी लोगों से बातचीत की थी, जिनमें एक लखनऊ का ठेकेदार भी शामिल है। उसे उनका कारोबारी साझेदार बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इसी कारोबारी साझेदार से उनकी आखिरी बार मोबाइल फोन पर बात हुई थी।
जानकारी के अनुसार, अंबरीश ने घटना वाले दिन सुबह पत्नी समेत करीब पांच लोगों से संपर्क किया था। इनमें तीन करीबी थे। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के जरिये बातचीत का समय, अवधि और संभावित विषय समझने में जुटी है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों की कड़ियां जोड़ी जा सकें। जिन लोगों से आखिरी बार अंबरीश की बात हुई है, पुलिस उनसे पूछताछ करेगी।
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वहीं, परिवार जहां घटना को हादसा मान रहा है, वहीं पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। बताया जा रहा है कि अंबरीश बृहस्पतिवार रात मुरादाबाद से लौटे थे और देर रात घर पहुंचे। शुक्रवार सुबह वह अपनी कार से कुसम्ही स्थित फार्म हाउस गए जहां गोली लगने से उनकी मौत हो गई।
घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी जारी है। खून के नमूने, पिस्टल की स्थिति और गोली के एंगल का विश्लेषण किया जा रहा है। शुरुआती जानकारी में पिस्टल चेक गणराज्य निर्मित बताई गई है, जिसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है। इसके अलावा मुरादाबाद से लौटने के बाद उनकी गतिविधियों को खंगालने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि जांच वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है और किसी नतीजे पर पहुंचने में जल्दबाजी नहीं की जाएगी। जल्द ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
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आवास पर पहुंचते रहे शुभचिंतक
शनिवार को पार्क रोड स्थित अंबरीश श्रीवास्तव के आवास पर दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही। रिश्तेदारों, मित्रों और कारोबार से जुड़े लोगों का तांता लगा रहा। घर के बाहर सुबह सन्नाटा रहा लेकिन शाम के समय बड़ी संख्या में लोग नजर आए। वहां का माहौल गमगीन रहा। परिजन शोक में डूबे नजर आए और किसी से ज्यादा बात करने की स्थिति में नहीं थे। आने वाले लोग परिजनों को ढांढस बंधाते रहे और घटना की जानकारी लेने का सिलसिला जारी रहा। पिपराइच के विधायक महेंद्र पाल सिंह ने भी आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त किया।
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