गोरखपुर। न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल प्रकरण में दो दिन पहले अस्पताल प्रबंधन की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण से स्वास्थ्य विभाग संतुष्ट नहीं है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तुत जवाब में कई बिंदुओं पर स्पष्टता का अभाव है। इसके चलते मामले की गहन समीक्षा की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे, जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार को डीएम को सौंपी जा सकती है।
जांच टीम के प्रत्येक सदस्य ने अलग-अलग बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया है। टीम की ओर से तथ्यों, दस्तावेजों और चिकित्सीय प्रक्रियाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई है। कल्चर जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों को जांच टीम अपनी अंतिम रिपोर्ट में शामिल किया है। बताया जा रहा है कि एक फरवरी को सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के तहत 30 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद 17 मरीजों की हालत बिगड़ गई थी। इनमें से नौ मरीजों की आंखें निकालनी पड़ीं, जबकि 10 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई थी। अभी भी कुछ मरीजों के आंखों का इलाज चल रहा है। इस प्रकरण को लेकर अस्पताल प्रबंधक को अपना पक्ष रखने को कहा गया था।
सूत्रों के अनुसार, मजिस्ट्रियल जांच टीम अपनी रिपोर्ट कल जिलाधिकारी को सौंप सकती है। रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कार्रवाई पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि जो भी निर्णय होगा, प्रशासन को अवगत करा दिया जाएगा।