गोरखपुर शहर के मंदिरों में देवताओं पर अर्पण होने वाले फूल-मालाएं महिलाओं को रोजगार के लिहाज से सशक्त बनाएंगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मंदिरों से निकलने वाले इन फूल मालाओं से खाद और अगरबत्ती बनाएंगी। नगर निगम न सिर्फ इन महिला समूहों को मंदिरों से निकलने वाली फूल मालाओं को उपलब्ध कराएगा बल्कि उत्पादों की मार्केटिंग भी करेगा। कानपुर आईआईटी से निकले विशेषज्ञ महिलाओं को फूल-मालाओं से अगरबत्ती समेत अन्य उत्पाद बनाने की ट्रेनिंग देंगे।
नगर निगम और अमर उजाला फाउंडेशन अनूठी मुहिम के तहत शहर को साफ सुथरा बनाने के साथ महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर लगे हुए हैं। इसी क्रम में नगर निगम की ओर से शहर के मंदिरों से फूल-मालाओं को इकट्ठा कर इन महिला समूहों को उपलब्ध कराएगा।
प्रारंभिक चरण में बनाई जाएगी खाद
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि शहर के मंदिरों से कई क्विंटल फूल-मालाएं निकलती हैं। आज के समय में इन फूल मालाओं को सामान्य कूड़े के साथ निस्तारित किया जाता है, लेकिन इनसे बेहतर खाद बनाई जा सकती है। इसके अलावा इनसे अगरबत्ती, धूप आदि भी बनाए जा सकते हैं। प्रारंभिक चरण में इनसे खाद बनाई जाएगी। इसके बाद कानपुर आईआईटी से पासआउट विशेषज्ञ अगरबत्ती और खाद बनाने में महिला समूह का मार्गदर्शन करेंगे।
हजार से भी ज्यादा महिलाओं को मिलेगा रोजगार
नगर आयुक्त ने बताया कि डूडा में 456 महिला समूह पंजीकृत हैं। नगर निगम इन महिला समूह से चिन्हित कर महिलाओं को इस मुहिम से जोड़कर सशक्त बनाएगा। उम्मीद है कम से कम हजार महिलाओं को इससे रोजगार मिलेगा।