खोराबार इलाके से लापता चचेरी बहनों को बंधक बनाकर पूर्णिया जिले में 1.50 लाख रुपये में बेचा गया था। पुलिस के आने की भनक लगने पर वहां से दोनों को पूर्वी चंपारण जिले के मोतीहारी ले जाया गया था। वहां चार बार आरोपियों ने ठिकाना बदला था।
किसी बिचौलिया की मदद से किशोरियों को फिर बेचने की तैयारी थी। इससे पहले पुलिस ने आरोपियों दबोच लिया। उनके पास से चचेरी बहनों को भी ढूंढ निकाला। खोराबार थाना प्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि मंगलवार को किशोरियों का मेडिकल कराया गया है।
बुधवार को कोर्ट के सामने पेश कर दोनों का बयान कराया जाएगा। किशोरियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। इससे माना जा रहा है कि बिहार में ये गिरोह लड़कियों की खरीद फरोख्त कर देह व्यापार के धंधे में धकेल देता है। आरोपी आर्केस्ट्रा की आड़ में गलत धंधा कर रहे हैं।
बिहार पुलिस को भी एक रिपोर्ट भेजी गई है। इसके आधार पर बिहार के पूर्वी चंपारण की पुलिस टीम गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं गोरखपुर से भी एक तेज तर्रार पुलिस कर्मियों की टीम को भी चचेरी बहनों को खरीदने वाले आरोपियों की तलाश में लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, दंपती की गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इंस्टाग्राम पर नौकरी का दिया था लालच
खोराबार से लापता हुई 15 और 16 वर्षीय चचेरी बहनों को इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर नौकरी का झांसा दिया गया था। इसके चक्कर में फंसकर दोनों बिहार तक चली गईं। वहां आने के बाद अपने किए पर पछता रही हैं। छह दिन तक वे आरोपियों के कब्जे में थीं, उस समय काे याद कर कांप जा रही हैं।
पुलिस के मुताबिक, 23 मई को दोनों बहनों ने घरवालों को बिना बताए ही घर छोड़ दिया और आरोपियों के साथ ट्रेन से बिहार चली गईं। वहां पर इंस्टाग्राम दोस्त गीता और उसके पति महेश ने दोनों बहनों को 1.50 लाख रुपये में पूर्णिया जिले के आर्केस्ट्रा संचालक को बेच दिया था।
सर्विलांस की मदद से पहुंची पुलिस टीम ने उन्हें बिहार जाकर मुक्त कराया। बिहार पुलिस की मदद से पूर्वी चंपारण के मोतिहारी जिले के तुरकोलिया थाना क्षेत्र के बेलवा राय खास निवासी महेश और उसकी पत्नी गीता को गिरफ्तार किया।