मोहर्रम को लेकर पुलिस ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। इस बार जिले में करीब 560 जगहों पर ताजिया रखी जाएंगी। 50 से ज्यादा मातमी जुलूस निकलेंगे। वही इस सब के लिए करीब 2000 पुलिसवालों की ड्यूटी लगाई गई है, वही साथ ही हर ताजिया व जुलूस के लिए एक बीट सिपाही को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जुलूस की निगरानी ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों व वीडियोग्राफी से की जाएगी।
नोडल बीट सिपाही ताजिया रखने वालों से संपर्क कर एक चेक लिस्ट भरवाएंगे। जिसमें ताजिया किस तारीख को रखी जाएगी, कौन रखेगा, कौन-कौन उससे जुड़ा होगा, कब-कब जुलूस निकलेगा और ताजिया कर्बला तक ले जाने का रूट क्या होगा। यह सब जानकारी नोडल पुलिसकर्मी जुटाएंगे। ताजिया रखने से लेकर कब्रिस्तान तक ले जाने की पूरी जिम्मेदारी नोडल पुलिसकर्मी की होगी। साथ ही पुलिस पिछले पांच साल के मोहर्रम को लेकर हुए विवाद को चिन्हित कर रही है।
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मोहर्रम के मेला जुलूस में अलग से फोर्स की व्यवस्था होगी एवं ड्रोन तथा वीडियो रिकॉर्डिंग से भी निगरानी की जाएगी। हर जुलूस का रास्ता पूरी तरह से सीसीटीवी से कवर होगा। यह निर्णय मोहर्रम पर सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। एसएसपी डाॅ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि मोहर्रम को ध्यान में रखकर तैयारियां की जा रही हैं। जुलूस के लिए नियुक्त नोडल अफसर के पास जुलूस का पूरा विवरण रहेगा। जुलूस से जुड़े लोगों की जानकारी उनके पास होगी। थानों पर पीस कमेटी की बैठक भी की जा रही है।