स्वच्छ सर्वेक्षण संबंधी नगर निगम के दावों की पड़ताल करने के लिए केंद्रीय टीम शहर में आ चुकी है। टीम ने गोपनीय तरीके से विभिन्न मानकों की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को टीम ने शहर के विभिन्न शौचालयों और कूड़ा पड़ाव केंद्रों का निरीक्षण किया।
स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के लिए नगर निगम की टीम ने कई प्रयास किए हैं। इसको लेकर नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण संबंधी वेबसाइट पर जानकारियां अपलोड की। इन्हीं जानकारियों की पड़ताल करने केंद्रीय टीम आई है। सोमवार को सफाई इंस्पेक्टरों की काफी सक्रियता रही। आला अधिकारी भी मातहतों से मोबाइल फोन पर सूचना लेते हुए दिखे।
इस बार 7500 अंकों के आधार पर रैंकिंग
स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार 7500 अंकों में रैंकिंग का निर्धारण होगा। इनमें से 600 नंबर नागरिक फीडबैक पर मिलने हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में मोबाइल फोन पर आने वाली ओटीपी ही बाधक बन रही है। ओटीपी आने के बाद नागरिक इसे मोबाइल में फीड करने में झिझक रहे हैं। इस कारण फीडबैक काफी कम मिल रहे हैं। वहीं नगर निगम ने ओडीएफ प्लस को लेकर आवेदन किया है। टीम इसे ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही है।
प्रदेश में आठवें नंबर पर गोरखपुर
देश के 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में जहां पिछली बार राष्ट्रीय स्तर पर गोरखपुर को 82वीं रैंक हासिल हुई थी, वहीं इस बार यह रैंकिंग लुढ़क कर 111 रह गई। कुल 6000 अंक में गोरखपुर को केवल 3174.06 ही हासिल हो सके। प्रदेश में गोरखपुर की रैंकिंग 8वीं रह गई है। 2017 में जब स्वच्छ रैंकिंग की शुरुआत हुई थी तो गोरखपुर को 314वीं रैंक हासिल हुई थी।