कोतवाल शिवाकांत मिश्रा के अनुसार, अभी तक छात्रा के परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है। बातचीत में यह सामने आया कि वह गुरुवार को होमवर्क करके स्कूल नहीं आई थी। इस पर उसे डांट पड़ी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और भी स्पष्ट हो सकेगी। स्कूल स्टाफ समेत अन्य से पूछताछ कर घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हर पहलू की गंभीरता से जांच-पड़ताल की जा रही है।
प्रबंधक प्रशांत पांडेय ने कहा कि यह दुखद घटना है। बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए शिक्षक दबाव बनाते हैं, मगर उनकी मंशा बच्चों के प्रति बेहद सरल होती है। कहा कि विद्यालय में सभी शिक्षकों को ये निर्देश है कि सजा के तौर पर किसी भी बच्चे की पिटाई नहीं करेंगे।
सीओ सिटी शक्ति सिंह ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन व शिक्षकों से बातचीत की गई है। उनके अनुसार छात्रा को कोई ऐसी सजा नहीं दी गई, जिससे वह आत्महत्या करे। कहा कि परिवार के लोगों से भी बात हुई है। वह भी बहुत कुछ नहीं बता रहे हैं। वैसे अभी तक इस मामले में परिवार वालों ने न तो कोई तहरीर दी है और न ही मुकदमा दर्ज कराया गया है। छात्रा का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल, अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं हो सका है।