भ्रष्टाचार का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट तनू भटनागर ने अयोध्या के मसौधा गन्ना समिति के तत्कालीन गन्ना पर्यवेक्षक महेंद्र कुमार को तीन साल के कठोर कारावास व जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी का कहना है कि वादी माया राम वर्मा के गांव में गन्ना सप्लाई का क्षेत्र है। वादी ने गन्ना की बुआई 800 हेक्टेयर में की थी। 24 नवंबर 2007 को चांदपुर कैल गांव के प्रधान ने गन्ना समिति का चेकलिस्ट दिया। इसमें मात्र 332 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल का दिखाया गया था।
पता चला कि परताल गन्ना पर्यवेक्षक महेंद्र कुमार ने चेक लिस्ट तैयार की है। इसके बाद गन्ना सचिव मसौधा को प्रार्थनापत्र दिया। 28 नवंबर 2007 को सचिव ने गन्ना पर्यवेक्षक को आदेशित किया और क्षेत्रफल पूरा करने का आदेश दिया। जब महेंद्र कुमार से मिलने गया तो दो सौ रुपये घूस की मांग की गई, लेकिन घूस नहीं दिया।
मामले की शिकायत की गई। इसपर टीम गठित की गई। टीम ने घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा था। अब कोर्ट ने सजा सुनाई है।