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बदल रहा है गोरखपुर: रामगढ़ताल सा सजेगा सुमेर सागर-चिलुआताल, फिर परिवार संग लोग कर सकेंगे धमाल

Fri, 13 Oct 2023 12:16 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

चिलुआताल में पर्यटन विभाग की ओर से काम कराया जा रहा है। इसमें 560 मीटर पक्काघाट के अलावा ट्रैक, गजेबिया, बेंच और शौचालय बनाया जाएगा। इसके लिए कुल 20 करोड़ का प्रस्ताव तैयार हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, चिलुआताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
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चिलुआताल का कराया जाएगा सुंदीकरण। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अब रामगढ़ताल की तरह ही लोगों को सैर-सपाटा करने के लिए दो और जगह मिल जाएंगे। शहर में सुमेर सागर ताल के साथ ही नेपाल रोड पर चिलुआताल का सुंदरीकरण कराया जा रहा है। पहले चरण में ताल में फैली जलकुंभी और नरकट निकालने का काम किया जा रहा है। इसके बाद ताल की गहराई बढ़ाने और चारों ओर बंधे बनाए जाएंगे।

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रामगढ़ताल के नया सवेरा पर इन दिनों जबरदस्त भीड़ होती है। लिहाजा, अब शहर के अन्य प्राकृतिक ताल का भी सुंदरीकरण कराया जा रहा है। इन्हें पर्यटन स्थल की तरह विकसित किया जा रहा है। शहर के भीतर धर्मशाला और विजय चौराहा के बीच सुमेर सागर ताल है। इसके सुंदरीकरण का काम सितंबर माह में शुरू हुआ है। एक साल में इस स्थान को संवारना है, ताकि लोग यहां पहुंचकर रामगढ़ताल जैसा आनंद उठा सकें।

बृहस्पतिवार की दोपहर 12.36 बजे ताल की सफाई का काम चल रहा था। यहां दो नावों पर चार मजदूर जलकुंभी निकालते मिले। जेसीबी से कचरा निकाला जा रहा था। यहां अधिकांश हिस्सा साफ हो गया है। इसका काम पूरा होने के बाद अगले चरण का काम शुरू होगा। करीब 18.5 एकड़ जमीन में स्थित ताल का सुंदरीकरण 27 करोड़ के बजट से होगा। इसमें लोगों के टहलने के लिए ट्रैक, म्यूजिकल फाउंटेन, फूड कोर्ट सहित अन्य व्यवस्थाएं होंगी। ताल के प्राकृतिक स्वरूप के साथ पक्की नाली बनाने, पार्किंग बनाने, पेड़-पौधों और सजावटी लाइट लगाने की योजना है।
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चिलुआताल में बना रहे बंधा, कसे जा रहे बोल्डर

गोरखपुर शहर के उत्तरी छोर पर रामगढ़ताल की तर्ज पर चिलुआताल को विकसित किया जा रहा है। इसके सुंदरीकरण का काम पूरा होने पर पर्यटन का नया विकल्प लोगों को मिल जाएगा।

बालापार रोड के सोनबरसा में बने महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय और फर्टिलाइजर के बीच में चिलुआताल है। इसका एक हिस्सा सोनौली हाईवे के महेसरा पुल से होकर ओंकारनगर के करीब जंगल नंदलाल तक फैला है। इसमें फर्टिलाइजर के पीछे अमवा जंगल के किनारे ताल के हिस्से में काम चल रहा है।

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बृहस्पतिवार की दोपहर 01.59 बजे घाट बनाने के लिए जेसीबी से मिट्टी खोदकर पत्थरों को जाली में बांधा जा रहा था। ताल में मछली पकड़ रहे अमवा के विपत और श्याम ने बताया कि अभी कुछ देर पहले जेसीबी चल रही थी। यहां काम कर रहे पांच-छह लोग खाना खाने चले गए हैं। घाट तक पहुंचने के लिए सड़क कच्ची सड़क बन चुकी है।
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सुमेर सागर ताल। - फोटो : अमर उजाला।
560 मीटर में बनेगा पक्का घाट, 20 करोड़ का बजट
चिलुआताल में पर्यटन विभाग की ओर से काम कराया जा रहा है। इसमें 560 मीटर पक्काघाट के अलावा ट्रैक, गजेबिया, बेंच और शौचालय बनाया जाएगा। इसके लिए कुल 20 करोड़ का प्रस्ताव तैयार हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, चिलुआताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां खाने-पीने के सामान की व्यवस्था होगी। इसका काम वर्ष 2024 में पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है।
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