पिता-पुत्र के अलावा बेटी व पत्नी ने भी साथ ही भोजन किया था। रात में करीब 12 अचानक बलिराम का गला रूंधने लगा व गले से आवाज आने लगी। पेट में भी दर्द होने लगा। परिजन अभी बलिराम के इलाज की तैयारी में जुटे ही थे कि जगदीश की भी तबियत बिगड़ गई।
पिता-पुत्र में एक जैसा लक्षण दिख रहा था। घबराए परिजनों ने कुछ देर तक झाड़ फूंक कराया। इसके बाद टैंपो से दोनों को इलाज के लिए खड्डा सीएचसी लेकर जाते समय पहले पुत्र व उसके बाद पिता ने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर घर वापस आ गए।
शुक्रवार की सुबह मुसहर समुदाय के पिता-पुत्र की मौत की सूचना पर नायब तहसीलदार खड्डा रवि यादव व स्थानीय पुलिस पहुंची तथा दोनों के शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। नायब तहसीलदार रवि यादव ने बताया कि पिता-पुत्र की अचानक हुई मौत के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
डॉ. रवि श्रीवास्तव के नेतृत्व में डॉ.अमित तथा बबलू कुशवाहा ने गांव पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई। डॉ रवि श्रीवास्तव के अनुसार मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चलेगा। एहतियात के तौर पर मृतक के परिजनों का सैंपल भी कोरोना जांच के लिए भेजा जाएगा।