शोध पात्रता परीक्षा के दौरान छात्रों ने किया हंगामा
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की शोध पात्रता परीक्षा (रेट) का आयोजन रविवार को किया गया। इसके लिए शहर में तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें विमल महिला महाविद्यालय में सर्वर की समस्या पूरे दिन बनी रही। लिहाजा इस केंद्र पर तीनों ही पालियों की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। केंद्र पर पहुंचे छात्रनेताओं ने इस संबंध में हंगामा भी किया लेकिन पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया।
उधर, गोरखपुर विश्वविद्यालय और एमएमएमयूटी केंद्र पर विद्यार्थियों को परेशानी नहीं हुुई। घर से भी काफी संख्या में अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन परीक्षा दी। रेट में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को घर के अलावा परीक्षा केंद्र की भी व्यवस्था की गई। भीड़ को कम करने के लिए पांच पालियों में परीक्षा कराई गई। लेकिन शाहपुर, मानस विहार कॉलोनी स्थित विमल महिला महाविद्यालय में सुबह नौ बजे पहली पाली की परीक्षा शुरू होते ही नेटवर्किंग की दिक्कत आने लगी।
इस परीक्षा में विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे। कुछ परीक्षार्थियों की लॉगिन आईडी व पासवर्ड कंप्यूटर में स्वीकार नहीं हुए। कुछ अभ्यर्थियों का कहना था कि उनके कंप्यूटर सिस्टम पर उत्तर हाईलाइट में दिखने लगा है। इस पर अन्य परीक्षार्थियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसी बीच कुछ छात्रनेता भी आ गए।
परीक्षा केंद्र के बाहर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। परीक्षा समन्वयक प्रो. अजय सिंह, ईडीपी सेल प्रभारी प्रो. विनय सिंह, आईटी सेल इंचार्ज डॉ. सचिन सिंह मौके पर पहुंचे। परीक्षा केंद्र पर सीओ कैंट और सीओ गोरखनाथ भी पीएससी के साथ पहुंचे। छात्रों को समझाबुझाकर शांत कराया गया और पहली पाली की परीक्षा निरस्त कर दी गई।
दूसरी पाली में भी फेल हो गया सर्वर
केंद्र पर दूसरी पाली की परीक्षा 11.30 बजे से शुरू हुई। दूसरी पाली में भी सर्वर की दिक्कतें आईं। इसपर फिर से हंगामा शुरू हो गया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. सतीश चंद्र पांडेय ने मौके पर पहुंच कर छात्रों को समझाया। जबकि छात्रनेता शिव शंकर गौड़, नीतेश मिश्र, भास्कर चौधरी, मनीष ओझा, प्रतीक त्रिपाठी आदि धरने पर बैठ गए। विवाद बढ़ता देख विवि प्रशासन ने केंद्र पर सभी पालियों की परीक्षा को निरस्त करने का फैसला किया। बाद में महाविद्यालय के गेट पर नोटिस चस्पा कर दी गई।
ऑनलाइन सेंटर विमल महिला महाविद्यालय के संचालक शुभांग श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा शुरू कराने के दौरान ही कुछ छात्रों द्वारा कंप्यूटर सिस्टम को पहले ही लॉगिन किए जाने का दबाव बनाया गया। बाद में कुछ छात्र गैलरी में लगे एमसीबी को गिराकर विद्युत आपूर्ति ठप कर दिए। गेट पर परीक्षार्थी प्रदर्शन करने लगे। उन्हें समझाने की कोशिश भी की गई। विश्वविद्यालय से आए अधिकारियों ने परीक्षा निरस्त किए जाने का निर्णय लिया।
परीक्षा नहीं दे पाने से निराशा हुई
भूगोल विषय से परीक्षा देने आए थे। नेटवर्किंग की बहुत दिक्कत थी। परीक्षा निरस्त हो गई। अब वापस प्रयागराज जा रहे हैं। निराशा तो यह है कि परीक्षा नहीं दे सके। अब परीक्षा की तिथि को लेकर विश्वविद्यालय के निर्णय का इंतजार करेंगे।
ललित मोहन सिंह, प्रयागराज
भूगोल के कुछ सवाल कठिन थे
तैयारी अच्छी थी लेकिन यह नहीं पता था कि केंद्र का विकल्प चुनने पर भी सर्वर की दिक्कत आएगी। कुछ देर तक परीक्षा केंद्र में बैठा रहा। सवाल कठिन थे। लेकिन जब सभी सवाल देख पाता तभी नेटवर्किंक की समस्या आने लगी। पूरा पेपर भी नहीं देख सका।
सतीश प्रजापति, देवरिया
सामान्य थे वनस्पति विज्ञान के सवाल
मेरा विषय वनस्पति विज्ञान था। सामान्य तरह के सवाल थे इसलिए हल करने में कठिनाई नहीं हुई। विश्वविद्यालय केंद्र पर परीक्षा दी, कोई दिक्कत नहीं हुई। तीन बार लोगों ने आकर समस्या के बारे में पूछा।
अनन्या राय, इंजीनियरिंग कॉलेज रोड
विश्वविद्यालय केंद्र पर मैंने परीक्षा दी। ऑनलाइन परीक्षा में कोई दिक्कत नहीं हुई। वनस्पति विज्ञान में शोध से जुड़े सवाल ज्यादा पूछे गए थे। कुल मिलाकर परीक्षा अच्छी हुई है।
पूजा उपाध्याय, बेतियाहाता