उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्कूल फीस जमा नहीं कराने पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर किए जाने से आक्रोशित अभिभावकों ने शनिवार को संस्कृति पब्लिक स्कूल के मेन गेट पर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। अभिभावकों ने परिसर में अंदर जाकर जिम्मेदारों से बातचीत करना चाहा तो स्कूल प्रबंधन की ओर से मेन गेट को बंद कर दिया गया। इस दौरान दोनों ही पक्षों में जमकर नोकझोंक हुई। नाराज अभिभावकों ने स्कूल गेट को घेरकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख किसी ने इसकी सूचना पुलिस दे दी।
जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने अभिभावकों को समझाने की कोशिश की, मगर अभिभावक स्कूल प्रबंधन के अड़ियल रवैया से क्षुब्ध होकर धरने पर बैठे रहे। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से मासिक फीस से इतर कंप्यूटर, लाइब्रेरी, मेडिकल, साफ सफाई समेत अन्य मदों में फीस की डिमांड की जा रही है।
शासन का स्पष्ट निर्देश है कि मासिक फीस ही जमा कराई जाएगी। मगर स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। जो अभिभावक पूरी फीस जमा नहीं करा रहे हैं। उनके बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर कर दिया जा रहा है। कोरोना संकट की वजह से अभिभावकों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
अभिभावकों ने कहा वर्षों से हमारे बच्चे इन विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं, कभी फीस भुगतान में देरी नहीं हुई। ऐसे कठिन वक्त में जहां स्कूल प्रबंधन को अभिभावकों का साथ देना चाहिए वो उत्पीड़न पर तुला है। प्रदर्शन करने वालों में अनूप दुबे, संतोष सिंह, आर्यन पासवान, अशोक कुमार, नीतू सिंह, नवीन कुमार सिंह, रवि श्रीवास्तव, पूनम शर्मा आदि शामिल रहे।
संस्कृति पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य ज्ञानती सिंह ने बताया कि छह महीने से बिना फीस के ऑनलाइन क्लास के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। सितंबर में अभिभावकों को फीस जमा कराने का संदेश भेजा गया है। स्कूल फीस अगर नहीं मिलेगी तो 120 शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन देने के लाले पड़ जाएंगे। किसी बच्चे को ऑनलाइन क्लास से बाहर नहीं किया गया है। शासन के आदेश के मुताबिक ही फीस जमा कराई जा रही है।