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जिस जॉर्बिंग बाल में हुई थी अमन की मौत, एक महीने पहले ही नीलामी से हुआ था टेंडर

Thu, 13 Feb 2020 07:18 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
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रामगढ़ ताल झील। - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रामगढ़ ताल झील में लोगों के मनोरंजन के लिए लाए गए जॉर्बिंग बॉल में चढ़े छात्र अमन राय (20) की बुधवार की शाम मौत हो गई थी। वह अपने तीन दोस्तों के साथ झील के पास घूमने आया था।  बताया जा रहा है कि रामगढ़ ताल में जॉर्बिंग बाल के लिए जीडीए ने एक महीने पहले ही नीलामी के जरिये टेंडर किया था।

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इस वाटर स्पोर्ट के संचालन के लिए संबंधित फर्म प्राधिकरण को हर महीने करीब 75 हजार रुपये देती है। देर शाम तक प्राधिकरण के अफसरों को भी इस घटना की सूचना नही हो पाई। अफसरों का कहना है कि मामले की पूछताछ के साथ ही सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की जाएगी। प्रबंध पुख्ता नहीं पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

रामगढ़ ताल पर सुरक्षा मानकों की हमेशा अनदेखी की गई । नौकायन केंद्र पर बोटिंग में जबरदस्त लापरवाही सामने आई थी। बिना सुरक्षा इंतजाम के ही देर शाम तक बोटिंग कराई गई। जब मामला सामने आया तो अफसर जागे, फिर समय से बोटिंग कराई जाने लगी।

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पहली बार हुआ इस तरह का हादसा

रामगढ़ ताल में अनियंत्रित होकर कार घुस जाने या फिर गिर जाने की घटना तो कई बार हो चुकी है लेकिन जान जाने की घटना पहली बार सामने आई है। 6 जनवरी 2018 को सर्किट हाउस और वाटर पार्क के बीच रात में एक तेज रफ्तार लग्ज़री कार अनियंत्रित होकर रामगढ़ झील में गिर गई। कार को पानी में डूबता देख उधर से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। सूचना पर एसएसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद खोराबार के सोनरा निवासी चन्द्रकेश की मदद से चालक को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने चालक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। व्यक्ति की पहचान बांसगांव क्षेत्र के कौड़ीराम निवासी त्रिलोकी नाथ मिश्र के रूप में हुई थी। लेकिन वह सुरक्षित बच गया था।

घटना से पुलिस भी हैरान
रामगढ़ ताल के पास जुटने वाली लोगों की भीड़ को देखते हुए एक पिकेट पुलिस की लगाई गई है। बड़ी बात यह की इतनी बड़ी घटना हो गई और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जबकि अगर कोई बेहोश होता है तो जाहिर है उसे लाद कर ले गया गया होगा फिर पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी, यह सवाल सबके मन में खड़ा होने लगा है। उधर पुलिस का अपना तर्क है कि किसी ने कोई सूचना नहीं दी थी। जो भी सूचना देता है उसकी मदद की जाती है वहां पर रोज भीड़ ज्यादा होती है और इस तरह की किसी घटना को देखा भी नहीं गया है।

सूरज ढलने के बाद भी होती है बोटिंग
रामगढ़ताल पर आने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की तरफ से कोई भी इंतज़ाम मौजूद नहीं है। नौकायान केंद्र पर सूरज ढलने के बाद भी बिना लाइफ जैकेट के लोगों को बोटिंग कराई जाती है। अमर उजाला ने इस संवेदनशील मुद्दे पर समय समय पर ध्यान आकृष्ट किया है। मगर इसके बाद भी वहाँ की व्यवस्था राम भरोसे ही चल रही है।
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