गोरखपुर में छुट्टा पशु बने मुसीबत।
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छुट्टा पशु सड़कों पर नजर न आएं इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने 31 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया था। तय समय बीतने के बाद भी शहर के तकरीबन हर सड़कों पर छुट्टा पशुओं का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। नगर निगम इन्हें पकड़ने का जितना भी दावा कर ले, लेकिन छुट्टा पशु न सिर्फ यातायात में बाधक बने हैं बल्कि अक्सर हादसे के कारण भी बन जाते हैं।
शहर के छुट्टा पशुओं के लिए महेबा में कान्हा उपवन बनाया गया है। इसकी क्षमता 760 पशुओं की है, लेकिन आज की तारीख में यहां 1,400 से ज्यादा पशु हैं। इसके बावजूद शहर के हरेक इलाके में छुट्टा पशु नजर आ रहे हैं।
कान्हा उपवन प्रभारी नर्वदेश्वर पांडेय ने कहा कि कान्हा उपवन में क्षमता से काफी अधिक पशु हैं। इसके बावजूद इनके खान-पान का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। साथ ही शहर में घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़ा भी जा रहा है। मंगलवार को भी 25 से ज्यादा पशु पकड़े गए हैं।