वीडियो में महाराज ने यह भी कहा कि कथास्थल पर उनके बच्चों और टीम के सदस्यों से कहा गया कि उन्हें गोली मार दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्रेम और श्रद्धा के माध्यम से कथा गाने आते हैं और किसी से मिलने के लिए कभी भी पैसे नहीं लेते। महाराज ने कहा कि पिछले एक महीने से ऐसी अफवाहें चल रही हैं कि उनसे मिलने के लिए 1100 रुपये लिए जा रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूरी दुनिया में वह जहां भी रामकथा गाते हैं, कहीं भी मिलने के लिए पैसा नहीं लेते। मिलने का समय निश्चित होता है। प्रत्येक कथा में दोपहर के समय एक घंटा। जिसको आना है दरवाजा खुला है आइए, लेकिन एक प्रार्थना है एक बार मिलकर जो चला गया अगले दिन नहीं आए, क्योंकि दूसरे लोग आएंगे।
दरअसल, यह विवाद रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के चंपा देवी पार्क में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन तब शुरू हुआ, जब कथास्थल पर भारी भीड़ उमड़ी और आयोजकों में मंच पर बैठने को लेकर बहस शुरू हो गई। बताया गया कि दोपहर में कथा की शुरुआत के दौरान कुछ आयोजकों ने आगे बैठने को लेकर आपसी मतभेद जताए।
शाम को आरती के बाद विवाद ने दोबारा तूल पकड़ ली और बहस गाली-गलौज तक जा पहुंची।स्थानीय पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और विवाद को शांत कराया। रामगढ़ताल थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि मौके पर ही बातचीत कर लोगों को शांत कराया गया। इस संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है। वहीं कथा आयोजन समिति के संरक्षक बृजेश राम त्रिपाठी ने इस संबंध में अपना पक्ष रखने से इन्कार किया है।
सोशल मीडिया पर कथावाचक राजन महराज के वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। आयोजन से जुड़े लोगों से भी बात की गई। किसी की तरफ से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। अगर शिकायत दर्ज होती है तो विधिक कार्रवाई की जाएगी:
राजकरन अय्यर, एसएसपी