1971 में सुचेता कृपलानी ने राजनीति से संन्यास ले लिया था। राजनीति से संन्यास लेने के बाद वह अपने पति के साथ दिल्ली में ही रहने लगीं और अपनी समस्त चल अचल संपत्ति संसाधन लोक कल्याण समिति को दान कर दी थी।
यही नहीं उन्होंने अपनी आत्मकथा 'एन अनफिनिष्ट ऑटोबायोग्राफी' लिखी जो तीन भागों में प्रकाशित हुई। कहा जाता है कि सुचेता कृपलानी ने मेंहदावल विधान सभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए यूपी की प्रथम महिला मुख्यमंत्री तक का सफर पूरा किया था। 1974 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। लेकिन आज भी स्वच्छ राजनीति में सुचेता कृपलानी का नाम लिया जाता है।