कहते हैं कि सबसे बड़ा कष्ट एक पिता के ऊपर पुत्र का जनाजा होता है। शनिवार की देर शाम एक बुजुर्ग पिता ने लड़खड़ाते कदमों से बेटे के साथ ही बहू की भी चिता को मुखाग्नि दी तो पूरे गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं। बुजुर्ग पिता को बिलखते देख वहां मौजूद हर किसी का कलेजा फट जा रहा था। दंपती की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद दोनों का बरगदही बैकुंठ धाम पर अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को कुशीनगर के हाटा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी बालिकरन के पुत्र सुदर्शन प्रसाद (30) अपनी पत्नी चिंता देवी (27), चार वर्षीय पुत्र सुमित व साली शशिकला को लेकर ससुराल महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के गोनहा गांव निवासी भाने प्रसाद के वहां जा रहे थे।
अभी पिपराइच थाना क्षेत्र के बड़े गांव फरेना नाला पुल पर पहुंचे ही थे कि ट्रक से बाइक की टक्कर हो गई। हादसे में सुदर्शन प्रसाद व उनकी पत्नी चिंता देवी की मौके पर ही मौत हो गई। जिसके बाद ट्रक लेकर भाग रहे चालक को ग्रामीणों ने पीछा कर पकड़ लिया।