सत्यप्रकाश बताते हैं कि दिल्ली से मशीन खरीद लाए लेकिन चलाने नहीं आता था। कंपनी ने एक हफ्ते तक प्रशिक्षक भेजकर प्रशिक्षित किया। अब ऑर्डर मिलने पर एक हफ्ते के भीतर सप्लाई हो जाती है।
महंगा होने से गरीब किसानों के लिए मुश्किल
संजय बताते हैं कि जाली के एक बंडल की लंबाई 50 फीट है। ऊंचाई जरूरत के अनुसार पांच फुट, साढ़े पांच और छह फुट की जाली तैयार की जाती है। एक बीघे खेत को इस जाली से घेरने का खर्च एक लाख रुपये तक आ सकता है।
जाली लगाकर खेती करने वाले किसानों की राय
क्षेत्र के सब्जी उत्पादक योगेंद्र कुशवाहा बताते हैं कि पहले छुट्टा पशुओं से फसल समेत खुद की सुरक्षा मुश्किल थी। लेकिन जाली से खेत की घेरेबंदी कर देने से बहुत सुकून है। किसान ओम प्रकाश सिंह, रविशंकर सिंह ने बताया कि बगीचे समेत खेत को जाली लगाकर घेरने में शुरुआती खर्च तो है लेकिन इसके मुनाफे बहुत हैं।