मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजनाथ ने आजादी की लड़ाई में युवाओं का नेतृत्व किया, लेकिन जब देखा कि आजादी दूर नहीं लेकिन तुष्टीकरण बढ़ रहा तो वीर सावरकर के नेतृत्व में आंदोलन के अग्रणी योद्धा बने थे। सामाजिक दायित्य का निवर्हन करते हुए वह राजनीति में आए। सांसद के रूप में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ ने गोरखपुर में खाद कारखाना, एमएमएमयूटी, गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए प्रयास किया। महंत दिग्विजयनाथ ने अपने व्यक्तिगत एवं कृतित्व से देश और दुनिया के सामने अपना एक नया इतिहास लिखा था।
अनावरण कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, अलवर के सांसद बालकनाथ, डुमरियागंड के सांसद जगदंबिका पाल, सदर लोक सभा के सांसद रवि किशन, राज्य सभा सदस्य जय प्रकाश निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, महापौर सीताराम जायसवाल, सदर विधायक आरएमडी अग्रवाल, सहजनवां विधायक शीतल प्रसाद, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, चौरीचौरा विधायक संगीता यादव, बांसगांव विधायक विमलेश पासवान, महाराण प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो यूपी सिंह, डीएम विजय किरन आनंद, जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।