मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि जब विध्वंशनात्मक ताकतें सत्ता में थी तो फैक्ट्रियां बद हो रही थीं। नौकरियां खत्म हो रही थीं। लोगों के पेट पर लात मारा जा रहा था। यानी सिर्फ विनाश हो रहा था जबकि केंद्र एवं प्रदेश की भाजपा सरकार में विकास प्राथमिकता है। इफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के कार्य हो रहे हैं। 1990 में गोरखपुर का खाद कारखाना बंद हो गया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गोरखपुर का खाद कारखाना अगले महीने फिर से चालू होगा।
नाथपंथ को दुनिया में प्रतिष्ठित करेगी योगीराज गंभीरनाथ पीठ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योगीराज गंभीरनाथ पीठ नाथपंथ को दुनिया में प्रतिष्ठित करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत को एक वैश्विक मंच प्रदान किया है। जब हम 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाते है तो यह भारत की ऋषि परम्परा के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव प्रकट करता है। इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने योगीराज बाबा गंभीरनाथ को श्रद्धांजलि स्वरूप दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में यूजीसी की तरफ से शोध पीठ स्थापित करने की घोषणा की है। यह पीठ नाथपंथ, गोरक्षपीठ और उसके योगियों की हजारों वर्षो की विरासत को वैश्विक फलक पर प्रतिष्ठित करेगा। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय मंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
महंत दिग्विजयनाथ ने अपने व्यक्तित्व, कृतित्व से दुनिया के सामने लिखा इतिहास
मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ, मेवाड़ राजवंश में पैदा हुए। भले ही घास की रोटी खानी पड़ी लेकिन किसी विधर्मी के समक्ष सिर नहीं झुकेगा, ऐसी सोच वाले मेवाड़ के राजा राणा प्रताप की प्रेरणा से भरे सिर्फ 5 साल की उम्र में वह गोरखपुर आ गए। योगीराज गंभीरनाथ के सानिध्य में महंत दिग्विजयनाथ का लालन पालन हुआ।
दूसरी ओर बंगाल की धरती में भी भारत सेवा संघ संस्थान के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद का दीक्षा संस्कार भी इसी गोरक्षपीठ में योगीराज गंभीरनाथ के सानिध्य में हुआ। महंत दिग्विजनाथ ने आजादी की लड़ाई में युवाओं का नेतृत्व किया, लेकिन जब देखा कि आजादी दूर नहीं लेकिन तुष्टीकरण बढ़ रहा तो उन्होंने स्वातंत्र वीर सावरकर के नेतृत्व में आंदोलन के अग्रणी योद्धा बने थे। सामाजिक दायित्य का निवर्हन करते हुए वह राजनीति में आए। सांसद के रूप में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ ने गोरखपुर में खाद कारखाना, एमएमएमयूटी, गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए प्रयास किया। महंत दिग्विजयनाथ ने अपने व्यक्तिगत एवं कृतित्व से देश और दुनिया के सामने अपना एक नया इतिहास लिखा था।
अनावरण कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह, अलवर के सांसद बालकनाथ, डुमरियागंड के सांसद जगदंबिका पाल, सदर लोक सभा के सांसद रवि किशन, राज्य सभा सदस्य जय प्रकाश निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, महापौर सीताराम जायसवाल, सदर विधायक आरएमडी अग्रवाल, सहजनवां विधायक शीतल प्रसाद, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, चौरीचौरा विधायक संगीता यादव, बांसगांव विधायक विमलेश पासवान, महाराण प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो यूपी सिंह, डीएम विजय किरन आनंद, जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।