कायाकल्प अवार्ड के संबंध में स्वास्थ्य विभाग की राज्यस्तरीय टीम ने गोरखपुर जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। ओपीडी से लेकर वार्ड तक बारीकी से भवन, उपकरण और इलाज की व्यवस्था की जांच की।
डॉक्टरों की टीम ने सबसे पहले अस्पताल की ओपीडी और ड्रग स्टोर का निरीक्षण किया। यहां दवा के रखरखाव को देखा। जो दवाएं एक्सपायर हो रही हैं। उनके रखरखाव व इंतजाम का निरीक्षण किया। ओपीडी में दवा वितरण कक्ष में टीम को गंदगी मिली। जिसे ठीक करने का निर्देश टीम के सदस्यों ने दिया।
इसके बाद टीम ने न्यू ओपीडी बिल्डिंग, कार्डियोलॉजी, न्यू बिल्डिंग, इमरजेंसी, मेल मेडिकल, फीमेल मेडिकल, पीडियाट्रिक आईसीयू का निरीक्षण किया। यहां साफ-सफाई, बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की गहनता से जांच की।
टीम ने वार्ड मौजूद डॉक्टर व कर्मचारियों के साथ संवाद भी किया। टीम ने सफाई कर्मियों और वार्ड ब्वाय से इंफेक्शन प्रीवेंशन प्रोटोकॉल की जानकारी ली। निरीक्षण करने आई टीम में बलिया के पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक मिश्र, डॉ. अजहर अली और बस्ती क्वालिटी एश्योरेंस विशेषज्ञ डॉ. अजय मौजूद रहे।
एचआईवी के प्रसार पर नियंत्रण की बनी रणनीति
जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय में हुई बैठक में एचआईवी के प्रसार पर नियंत्रण को लेकर रणनीति तैयार की गई। तय किया गया एचआईवी पीड़ित लोगों से संपर्क साधकर उनके करीब रहने वालों की सूची तैयार होगी। इसके लिए स्वयं सहायता समूह की भी मदद ली जाएगी। बैठक की अध्यक्षता सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने की। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा भी मौजूद रहे।