गोरखपुर जिला उपभोक्ता फोरम ने कंप्यूटर साइंस की छात्रा को डिग्री उपलब्ध नहीं कराने पर सेेंट एंड्रयूज कॉलेज, सिविल लाइन पर छह लाख रुपये क्षतिपूर्ति शुल्क लगाया। कॉलेज को इस धनराशि के साथ छात्रा को एक हजार रुपये वाद व्यय और फीस के रूप में वसूले गए 8,410 रुपये भी अदा करने होंगे।
पादरी बाजार निवासी मिनी सिंह ने वर्ष 2013-14 सत्र में सेंट एंड्रयूज कॉलेज में बीएससी कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। मिनी सिंह के वकील संजीव मेहता के अनुसार कालेज प्रबंधन ने उनकी मुवक्किल से 8,410 रुपये शुल्क लिया। जबकि बीएससी (गणित) प्रथम वर्ष में प्रवेश करने वाले छात्रों से कॉलेज ने मात्र 4410 रुपये शुल्क और कंप्यूटर साइंस के लिए चार हजार रुपये लिए। कॉलेज ने मिनी सिंह को छात्र परिचय पत्र और रोल नंबर भी जारी किया। सत्र 2013-2014 की परीक्षा भी कराई गई परंतु परिणाम की घोषणा नहीं हुई।
सत्र समाप्त होने के बाद उनकी मुवक्किल को पता चला कि सेंट एंड्रयूज कॉलेज को विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस की मान्यता ही नहीं प्राप्त है। मामले की सुनवाई उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश अस्थाना और सदस्य कृष्ण नंद मिश्र ने की। दोनों पक्ष के तर्क सुनने के बाद फोरम ने सेट एंड्रयूज कॉलेज को छात्रा को सेवा देने में नाकाम करार देते हुए निर्णय सुनाया। कॉलेज प्रबंधन को यह धनराशि एक माह में जमा कराने का आदेश जारी किया गया।
सेंट एंड्रयूज कॉलेज प्राचार्य जेके लाल ने बताया कि उपभोक्ता फोरम ने क्या निर्णय लिया है, इसकी अभी कोई जानकारी नहीं है। निर्णय की प्रति मिलने पर सक्षम न्यायालय में अपील की जाएगी। एक तरफा निर्णय की अभी कॉलेज प्रबंधन को कोई जानकारी नहीं है।