गोपनीय जांच में सामने आया था कि हर रजिस्ट्री कराने वालों से जमीन की सरकारी कीमत का एक से डेढ़ फीसदी तक कमीशन लिया जाता था। न दिए जाने पर रजिस्ट्री में जानबूझ कर आपत्ति लगा दी जाती थी। मसलन, अगर 10 लाख रुपये की जमीन की रजिस्ट्री हुई तो उसमें 10 हजार रुपये तक कमीशन वसूल किया जाता है। ऐसे ही जमीन की यथा स्थिति बदल कर स्टांप चोरी के मामले में भी कुछ कर्मचारियों और अफसरों का नाम आया है। बताया जा रहा है कि इससे करोड़ों की राजस्व क्षति हुई है।
लाइसेंस और फिटनेस के नाम पर वसूली
शाहपुर थाने में आरटीओ दफ्तर से वसूली का केस दर्ज हुआ है। दर्ज केस के मुताबिक, लाइसेंस बनवाने के नाम पर आम लोगों से रुपये वसूले जाते थे। इसके अलावा वाहनों के फिटनेस और लाइसेंस बनवाने के नाम पर वसूली की गई है। जांच में मामला खुलने के बाद केस दर्ज हुआ है।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
शाहपुर थाने में तहसीलदार वीरेंद्र कुमार की तहरीर पर अर्जुन व अज्ञात आरटीओ अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। वहीं, कैंट थाने में उप निबंधन केके तिवारी, विजय मिश्रा, अशोक उपाध्याय, जितेंद्र जायसवाल, राजेश्वर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पिपराइच में दरोगा अतुल सिंह व सिपाही आकाश पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि सरकारी अफसरों, कर्मचारियों पर दर्ज भ्रष्टाचार के मुकदमों की सूची तैयार कराई गई है। इसकी समीक्षा कर पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।