पीपीई किट बनाती महिलाएं।
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मुख्य जिला चिकित्साधिकारी की टीम ने किट का परीक्षण कर उसके इस्तेमाल की मंजूरी प्रदान कर दी है। फिलहाल शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह जिगिना भिहाव की महिलाएं किट तैयार करने में लगी हैं। 10 से ज्यादा महिला समूहों ने भी किट तैयार करने के लिए अपनी सहमति दी है।
एक किट के निर्माण पर मानव श्रम मिला कर तकरीबन 450 रुपये खर्च आ रहा है जिससे मिशन की महिलाओं को प्रति किट 100 रुपये की आमदनी होगी। इस किट में शू-कवर, ग्लब्स, फेस शिल्ड भी शामिल है।
डीसी एमआरएलएम अवधेश राज के मुताबिक महिला समूह द्वारा तैयार किट की उम्र एक साल है। इसे धुल कर सैनिटाइज करने के बाद फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बाजार में इस गुणवत्ता की पीपीई किट 950 रुपये से 1200 रुपये में मिल रही हैं।
सीडीओ हर्षिता माथुर ने कहा कि समूह की महिलाएं दूसरों के लिए भी प्रेरणा स्त्रोत हैं। लॉकडाउन के बीच ही उन्होंने कोरोनो संक्रमण रोकने में योगदान देने के साथ ही अपने लिए रोजगार का भी सशक्त जरिया चुना।
महिलाओं ने पहले मास्क और अब पीपीई किट बनाना शुरू कर दी। किट को स्वास्थ्य विभाग ने भी मंजूरी दे दी है। किट खरीदने के लिए विभिन्न विभाग, संस्थाएं और अस्पताल विकास भवन स्थित सीडीओ कार्यालय या फिर डीसी एनआरएलएम से संपर्क कर सकते हैं।