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गोरखपुर की इस महिला आईएएस अफसर ने दिखाई राह, गांव की महिलाएं बनाने लगीं पीपीई किट

Wed, 27 May 2020 06:15 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • जिला पंचायतीराज विभाग ने महिला समूहों को 600 किट का दिया है आर्डर
  • 450 रुपये कीमत, किट के साथ फेस शिल्ड, मास्क, शू-कवर, हैंड ग्लब्स भी
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सीडीओ आईएएस हर्षिता माथुर ने ग्रामीण महिलाओं को प्रोत्साहित कर पीपीई किट बनवाया। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सीडीओ आईएएस हर्षिता माथुर की पहल पर ग्रामीण आजीविका विकास मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए पसर्नल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट को स्वास्थ्य विभाग ने मंजूरी दे दी। यही नहीं समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय ने उन्हें 600 पीपीई किट बनाने का आर्डर भी दे दिया है।

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यह किट पंचायतों में तैनात सफाई कर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा। समूह की बांसगांव, पिपराइच, पाली ब्रह्मपुर की महिलाएं करीब 60 हजार मास्क भी तैयार कर चुकी हैं जिसकी कीमत 10 से 25 रुपये है। इसे विभिन्न विभागों के अलावा मार्केट में भी उपलब्ध कराया गया है। 21 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले की इन महिला समूहों को रोजगार के लिए प्रोत्साहित करने को 5.88 करोड़ रुपये का ऋण भी दिया।

समूह की महिलाओं ने पहले स्वास्थ्य विभाग के मानक से ज्यादा गुणवत्ता यानी 80 जीसीएम मानक के प्लास्टिक लेमिनेटेड कपड़े का इस्तेमाल कर किट तैयार की थी। मगर उस किट को पहनने पर गर्मी ज्यादा लगती थी। इसे ध्यान में रखते हुए समूह की महिलाओं ने 65 जीएसएम मानक पर किट तैयार की।

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धो सकते हैं किट, एक साल तक है उम्र

पीपीई किट बनाती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
मुख्य जिला चिकित्साधिकारी की टीम ने किट का परीक्षण कर उसके इस्तेमाल की मंजूरी प्रदान कर दी है। फिलहाल शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह जिगिना भिहाव की महिलाएं किट तैयार करने में लगी हैं। 10 से ज्यादा महिला समूहों ने भी किट तैयार करने के लिए अपनी सहमति दी है।

एक किट के निर्माण पर मानव श्रम मिला कर तकरीबन 450 रुपये खर्च आ रहा है जिससे मिशन की महिलाओं को प्रति किट 100 रुपये की आमदनी होगी। इस किट में शू-कवर, ग्लब्स, फेस शिल्ड भी शामिल है।

डीसी एमआरएलएम अवधेश राज के मुताबिक महिला समूह द्वारा तैयार किट की उम्र एक साल है। इसे धुल कर सैनिटाइज करने के बाद फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बाजार में इस गुणवत्ता की पीपीई किट 950 रुपये से 1200 रुपये में मिल रही हैं।

सीडीओ हर्षिता माथुर ने कहा कि समूह की महिलाएं दूसरों के लिए भी प्रेरणा स्त्रोत हैं। लॉकडाउन के बीच ही उन्होंने कोरोनो संक्रमण रोकने में योगदान देने के साथ ही अपने लिए रोजगार का भी सशक्त जरिया चुना।

महिलाओं ने पहले मास्क और अब पीपीई किट बनाना शुरू कर दी। किट को स्वास्थ्य विभाग ने भी मंजूरी दे दी है। किट खरीदने के लिए विभिन्न विभाग, संस्थाएं और अस्पताल विकास भवन स्थित सीडीओ कार्यालय या फिर डीसी एनआरएलएम से संपर्क कर सकते हैं।
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