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33 साल पहले इस दारोगा ने रखा था वर्दी का मान, ईमानदारी की मिसाल बने शख्स को राष्ट्रपति से मिला था पुरस्कार

Sat, 23 Jan 2021 12:31 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सेवानिवृत्त दारोगा श्यामरथी आर्या। - फोटो : अमर उजाला।
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पुलिस महकमे में वर्दी को दागदार करने वाले हैं, तो उसकी रक्षा करने वाले भी कम नहीं हैं। गोरखपुर के रहने वाले सेवानिवृत्त दारोगा श्यामरथी आर्या की मिसाल आज भी पुलिस महकमे में दी जाती है। आर्या ने 33 साल पहले तस्करी का सोना पकड़ा था। आरोपियों ने दो लाख रुपये घूस का प्रलोभन दिया, लेकिन आर्या ने इसे ठुकरा दिया। इस ईमानदारी के लिए तब उन्हें राष्ट्रपति से पुरस्कार भी मिला था।
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आर्या के खाते में एक और उपलब्धि शामिल है। उन्होंने सिद्धार्थनगर जिले में बांसी के थानेदार रहते हुए बावरिया गिरोह के सात सदस्यों को मुठभेड़ में मार गिराया था। शहर के शाहपुर इलाके में रहने वाले श्यामरथी आर्या बताते हैं कि वर्ष 1988 में वह महराजगंज में सौनोली के चौकी इंचार्ज थे। मुखबिर की सूचना पर उन्होंने गोरखपुर शहर के एक बड़े सराफ को पकड़ा था।

सराफ के पास से चार लाख बीस हजार रुपये नगद व सोना बरामद हुआ, जो वह नेपाल से तस्करी कर ले आ रहा था। सराफ ने उन्हें दो लाख रुपये घूस का ऑफर दिया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। बाद में कस्टम अधिकारियों के सहयोग से सराफ पर कार्रवाई कराई गई।

श्यामरथी आर्या ने बताया कि यह घटना कुछ दिनों तक अखबारों में प्रकाशित नहीं हुई। महराजगंज के तत्कालीन एसपी बीएन सिंह को मामले की जानकारी हुई तो वह खुश हुए। वह एक दिन गोलघर से गुजर रहे थे कि एसपी ने उन्हें देखा और रोककर शाबाशी दी। बाद में यह खबर अखबारों में प्रकाशित हुई तो कई संगठनों ने उन्हें सम्मानित किया।
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एसएसपी ने पुलिस वालों को आचरण सुधारने की नसीहत दी

गौरतलब है कि बीते बुधवार को गोरखपुर में महराजगंज के निचलौल के व्यापारी दीपक वर्मा और रामू वर्मा के साथ लूट की वारदात हुई थी। पुलिस की वर्दी में पहुंचे लोगों ने लूट की। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि असली पुलिस वालों ने ही लूट की है।

पुरानी बस्ती थाने में तैनात दारोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव, संतोष यादव, लखीमपुर खीरी निवासी सिपाही आलोक भार्गव, मुखबिर शैलेश यादव समेत सात लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने नकदी और सोना-चांदी भी बरामद कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

लूट के मामले में पुलिस वालों के पकड़े जाने के बाद एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने मातहतों को एक बार फिर आचरण सुधारने की नसीहत दी है। एसएसपी ने पत्र जारी कर कहा है कि जनता से सही व्यवहार करें और इस तरह का कोई काम न करें, जिससे खाकी दागदार हो। पत्र में पुलिस वालों को इसका दुष्परिणाम भी समझाया गया है। बताया गया कि आप बेहतर तरीके से जानते हैं कि इस तरह के मामले में पकड़े जाने के बाद क्या कार्रवाई होती है और आगे क्या भविष्य होता है।
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