शादी के दुल्हन वंदना और दूल्हा अंकित मिश्रा।
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बस्ती जिले कप्तानगंज के सिंहोरिया गांव निवासी दीनानाथ की बेटी वंदना की शादी का सपना चार मई को पूरा हो गया, मगर इस शादी में न तो वे पहुंचे और न उनका बेटा। दोनो लॉकडाउन के चलते गैर प्रांत में फंसे हैं।
ऐसे में ग्रामीणों ने गांव की बेटी का कन्यादान कर शादी की पारंपरिक रस्में अदा की। हालांकि पिता दूर जरूर थे, मगर ग्रामीणों ने उन्हें वीडिया कॉलिंग के जरिए पूरा दृश्य दिखाया। पिता ने बेटी को आशीर्वाद दिया। शादी की रस्म ग्रामीणों का सहयोग व बेटी की विदाई का मंजर पिता व भाई ने मोबाइल पर लाइव देखा तो वे फफक पड़े।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सिंहोरिया गांव के दीनानाथ पांडेय के बेटी वंदना की शादी पैकोलिया थाना क्षेत्र बिठलापुर गांव के रामजी मिश्रा के पुत्र अंकित मिश्रा के साथ तय हुआ था। वर-कन्या पक्ष ने चार मई को शादी का दिन निश्चित किया गया था।
दीनानाथ पांडेय पंजाब के लुधियाना में और उनका बड़ा बेटा मनीष दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते हैं। शादी को लेकर दोनों परिवारों में तैयारी पूरी हो चुकी थी। घर पर वंदना की मां चंद्रकांती और छोटा भाई दीपू थे।
घर आने के लिए नहीं मिला पास
कोरोना वायरस में अचानक मार्च में लॉकडाउन हो जाने से शादी में बड़ी अड़चन पैदा हो गई। अप्रैल में दीनानाथ पांडेय और उनके बेटे मनीष का घर आने का प्रोग्राम था, दोनों लोगों ने वहां से आने के लिये स्थानीय प्रशासन से पास के लिए आवेदन भी किया, लेकिन इन दोनों को घर आने की अनुमति नहीं मिली।
वहीं घर पर दोनों पक्ष के लोगों की शादी टालने पर भी सहमति नहीं बन पाई। जब इस बात की भनक ग्रामीणों को लगी तो ग्रामीणों ने वर व वधू पक्ष से बातचीत कर बगैर पिता व भाई के शादी कराने पर राजी कर लिया। फिर क्या था निर्धारित समय पर बरात गांव पहुंच गई।
गांव के राजन पांडेय, रोशन पांडेय, अवधेश पांडेय अन्य ग्रामीणों ने बरातियों की अगुवानी की। इसके बाद वंदना और अंकित की शादी हिंदू रीति रिवाज से लॉकडाउन का पालन करते हुए संपन्न कराया।
पड़ोस में रहने वाले रिश्ते के बाबा ने बेटी वंदना का कन्यादान किया। उधर शादी में वर पक्ष से पिता रामजी मिश्रा और उनके दो अन्य रिश्तेदार शामिल सहित कुल चार लोग बराती बनकर आए थे।
पिता को रह गया बेटी की शादी में न पहुंचने का मलाल
जिस समय वंदना और अंकित की शादी हो रही थी उस समय वीडियो कॉलिंग के जरिए बेटी की शादी देखकर रहे दीनानाथ पांडेय फफक पड़े। उन्होंने फोन पर ही बेटी और दामाद को आशीर्वाद दिया। वहीं बहन की शादी में न पहुंच पाने पर भाई मनीष पांडेय को भी मलाल हैं। पिता ने फोन पर शादी में सहयोग के लिए ग्रामीणों को प्रति कृतज्ञता जाहिर की।